महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में श्रद्धा और वेदघोष के बीच हनुमान प्राकट्योत्सव संपन्न।

 महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में श्रद्धा और वेदघोष के बीच हनुमान प्राकट्योत्सव संपन्न।

वैदिक मंत्रोच्चार,सामूहिक पाठ और हवन के साथ वैश्विक शांति व विश्वविद्यालय की उन्नति की कामना।

करौदी,ग्रामीण खबर MP।

 महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के ब्रह्मस्थान–करौंदी परिसर में गुरुवार को हनुमान जी के पावन प्राकट्योत्सव का भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रातः 8 बजे से प्रारंभ हुए इस आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के सभी घटकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए इसे एक दिव्य और स्मरणीय आयोजन का रूप प्रदान किया। कार्यक्रम कुलगुरु प्रो. प्रमोद कुमार वर्मा के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिनकी प्रेरणा से पूरे आयोजन में अनुशासन, भक्ति और वैदिक परंपराओं का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। वेद विभाग के सहायक प्राध्यापक धनीराम त्रिपाठी के पौरोहित्य में डॉ. के. के. त्रिपाठी द्वारा वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन एवं हवन संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज से संपूर्ण परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा और उपस्थित जनसमूह भक्ति भाव में सराबोर नजर आया। इस अवसर पर पारंपरिक विधि के अनुसार सभी अनुष्ठानों का पालन करते हुए देव पूजन किया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः धार्मिक और सकारात्मक बन गया।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के समस्त संकटों के निवारण, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक उन्नति तथा वैश्विक शांति की मंगलकामना के साथ सामूहिक धार्मिक पाठ का आयोजन किया गया। इस क्रम में श्रद्धालुओं द्वारा श्री राम रक्षा स्तोत्र का एक बार, हनुमान चालीसा का ग्यारह बार, बजरंग बाण का एक बार तथा एकमुखी हनुमान कवच का एक बार अत्यंत श्रद्धा और एकाग्रता के साथ पाठ किया गया। सामूहिक पाठ के दौरान एक स्वर में गूंजते मंत्रों और स्तोत्रों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया और उपस्थित सभी जनों के मन में आस्था और विश्वास का संचार हुआ।

इस आयोजन में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, शोधार्थी, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर भक्ति और अनुशासन का परिचय दिया, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की और युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के प्रति जागरूकता का संदेश भी प्रसारित हुआ।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में वैदिक विधि से हवन का आयोजन किया गया। हवन में उपस्थित सभी लोगों ने क्रमशः आहुति प्रदान करते हुए भगवान से विश्वविद्यालय की प्रगति, समृद्धि और समस्त विघ्न-बाधाओं के निवारण की कामना की। हवन के दौरान उठती सुगंधित धूप और मंत्रोच्चार की ध्वनि ने वातावरण को और भी अधिक पवित्र और सकारात्मक बना दिया। इस अवसर पर लोकमंगल की भावना के साथ पताका भी लहराई गई, जो समस्त विश्व के कल्याण और शांति का प्रतीक बनी।

कार्यक्रम का सफल संयोजन वेद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक चन्द्र परिडा द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन और समन्वय से आयोजन सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। आयोजन की प्रत्येक गतिविधि में अनुशासन, समयबद्धता और समर्पण स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ, जो विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति को दर्शाता है।

समापन अवसर पर सभी उपस्थित जनों द्वारा सामूहिक रूप से विश्व कल्याण, राष्ट्र की प्रगति, विश्वविद्यालय की उन्नति तथा समाज में सुख-समृद्धि की प्रार्थना की गई। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि आध्यात्मिकता और शिक्षा का समन्वय ही जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।

संपूर्ण आयोजन ने विश्वविद्यालय परिसर को भक्ति, श्रद्धा, सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक मूल्यों से ओत-प्रोत कर दिया। हनुमान प्राकट्योत्सव के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकता, सहयोग और आध्यात्मिक जागरूकता का भी सशक्त संदेश दिया।

ग्रामीण खबर MP-
जनमानस की निष्पक्ष आवाज
प्रधान संपादक:अज्जू सोनी। संपर्क:9977110734

Post a Comment

Previous Post Next Post