39 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व बीईओ लखन लाल बागरी,विदाई समारोह में छलके भावनाओं के आंसू।

 39 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व बीईओ लखन लाल बागरी,विदाई समारोह में छलके भावनाओं के आंसू।

शिक्षा के क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा और गरीब विद्यार्थियों के प्रति समर्पण के लिए रहे विशेष पहचान,छात्रों,शिक्षकों और ग्रामीणों ने दी भावभीनी विदाई।

सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।

शिक्षा जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंतर्वेद के प्राचार्य लखन लाल बागरी ने शिक्षा विभाग में 39 वर्षों की दीर्घ एवं गौरवशाली सेवा पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्ति ग्रहण की। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं, सम्मान और स्मृतियों से सराबोर रहा, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

अपने पूरे सेवाकाल के दौरान लखन लाल बागरी ने शिक्षा को केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना। उन्होंने हजारों विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए निरंतर सहयोग करते रहे। उनकी सरलता, अनुशासनप्रियता और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण ने उन्हें क्षेत्र में एक आदर्श शिक्षक एवं प्रशासक के रूप में स्थापित किया।

विदाई समारोह के दौरान अनेक विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं। छात्रों ने बताया कि बागरी सर ने हमेशा उन्हें एक शिक्षक से बढ़कर अभिभावक की तरह मार्गदर्शन दिया। उनके द्वारा दिए गए संस्कार, शिक्षा और प्रेरणा जीवन भर याद रहेंगे। समारोह में उपस्थित लोगों ने भी उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की मुक्तकंठ से सराहना की।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लखन लाल बागरी जैसे शिक्षक किसी भी समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष शिक्षा और विद्यार्थियों के उत्थान के लिए समर्पित किए हैं, जिसके लिए पूरा क्षेत्र उनका ऋणी रहेगा।

समारोह में मंडल अध्यक्ष मनीष सिंह बागरी, नरेन्द्र त्रिपाठी,स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पूर्व शिक्षक संघ के सदस्य, वर्तमान में पदस्थ शिक्षकगण, सरपंच अनिल सिंह बागरी,गोकरण मिश्रा, पुत्र अनिल सिंह बागरी, सोनू गौतम,अशोक सिंह बागरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पमालाओं, स्मृति चिन्हों एवं सम्मान पत्र भेंट कर उनके उज्ज्वल एवं प्रेरणादायी सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के अंत में लखन लाल बागरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बिताए गए 39 वर्ष उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। विद्यार्थियों का स्नेह और समाज का सम्मान ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज और शिक्षा से जुड़े कार्यों में अपना योगदान देते रहेंगे।

उनकी विदाई के साथ शिक्षा विभाग का एक गौरवशाली अध्याय भले ही औपचारिक रूप से पूर्ण हुआ हो, लेकिन उनके द्वारा स्थापित आदर्श, कार्यशैली और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।



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