सिलौंडी के मयंक साहू ने रचा इतिहास,12वीं कला संकाय में जिले में प्रथम स्थान,घर पहुंचकर हुआ भव्य सम्मान।

 सिलौंडी के मयंक साहू ने रचा इतिहास,12वीं कला संकाय में जिले में प्रथम स्थान,घर पहुंचकर हुआ भव्य सम्मान।

469 अंक हासिल कर बढ़ाया क्षेत्र का गौरव,विकासखंड अधिकारी और शिक्षकों ने घर जाकर दी बधाई,माता-पिता का भी हुआ सम्मान।

सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।

सिलौंडी बालक हायर सेकंडरी स्कूल का इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम अत्यंत शानदार और गौरवपूर्ण रहा है। विद्यालय के छात्र मयंक साहू ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने न केवल स्कूल बल्कि पूरे कटनी जिले का नाम रोशन कर दिया है। मयंक साहू, पिता रामकिशोर साहू, निवासी ग्राम पाली ने कला संकाय में 500 में से 469 अंक अर्जित करते हुए जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है।

मयंक की इस सफलता की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन अत्यंत उत्साहित हो उठे। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि ग्रामीण परिवेश में रहकर सीमित संसाधनों के बावजूद मयंक ने यह मुकाम हासिल किया है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन गया है।

मयंक की इस सफलता पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने उनके निवास पहुंचकर भव्य सम्मान किया। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी एस.सी. मरावी, पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी लखन लाल बागरी, संकुल प्राचार्य चंद्रकुमार परसवार, विद्यालय के प्राचार्य विशाल वरकड़े तथा जनशिक्षक संतोष बर्मन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मयंक को फूलमालाओं से लादकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाएं देकर सम्मानित किया।

इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि मयंक साहू की सफलता यह दर्शाती है कि यदि विद्यार्थी में लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत करने का जज्बा हो, तो वह किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि मयंक ने पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे सिलौंडी क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

सम्मान समारोह के दौरान मयंक के माता-पिता का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया। अधिकारियों और शिक्षकों ने उन्हें फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया और कहा कि बच्चों की सफलता में माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने मयंक के पिता रामकिशोर साहू और परिवारजनों की सराहना करते हुए कहा कि उनके संस्कार और मार्गदर्शन के कारण ही मयंक इस मुकाम तक पहुंच सका है।

मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने शुरू से ही लक्ष्य निर्धारित कर लिया था और उसी के अनुसार निरंतर पढ़ाई की। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए नियमितता, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर शिक्षक तुलसी नामदेव, अशोक हल्दकर, अंकुल बर्मन, अनुराग पटेल सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी शिक्षकों ने मयंक की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि मयंक की मेहनत और अनुशासन अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, परिजन और मित्र भी मौजूद रहे। पूरे गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी व्यक्त की। सभी ने मयंक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आगे भी इसी तरह सफलता की ऊंचाइयों को छूता रहे।

ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर इस प्रकार की उपलब्धि हासिल करना यह साबित करता है कि प्रतिभा किसी सुविधा या संसाधन की मोहताज नहीं होती। सही दिशा, मार्गदर्शन और मेहनत के बल पर कोई भी विद्यार्थी बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। मयंक साहू की यह सफलता आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।

सिलौंडी बालक हायर सेकंडरी स्कूल का यह उत्कृष्ट परिणाम यह दर्शाता है कि विद्यालय में शिक्षा का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है और शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मयंक साहू की यह उपलब्धि न केवल एक छात्र की सफलता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि बन गई है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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