गीता के महावाक्यों को जीवन में उतारने का संदेश,सिलौंडी में सात दिवसीय गीता ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ।

 गीता के महावाक्यों को जीवन में उतारने का संदेश,सिलौंडी में सात दिवसीय गीता ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ।

राजयोगिनी बीके भावना बहन ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन,शोभायात्रा व भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा क्षेत्र।

सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।

 सिलौंडी स्थित श्री राम मंदिर में श्रीमद भगवद गीता एवं रामायण पर आधारित सात दिवसीय आध्यात्मिक गीता ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ अत्यंत भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजयोगिनी बीके भावना बहन द्वारा विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर हो गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राजयोगिनी बीके भावना बहन ने कहा कि श्रीमद भगवद गीता के महावाक्य मानव जीवन को दिशा देने वाले दिव्य सूत्र हैं। इन्हें केवल सुनना या पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करना ही वास्तविक साधना है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य गीता के सिद्धांतों को अपने आचरण में उतारता है, तभी उसे सच्चे सुख, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन की प्राप्ति होती है।

उन्होंने आगे कहा कि आज का जीवन तनाव, प्रतिस्पर्धा और भागदौड़ से भरा हुआ है, जिसमें व्यक्ति अक्सर अपने मूल उद्देश्य और आत्मिक शांति से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में गीता का ज्ञान व्यक्ति को न केवल आत्मबल प्रदान करता है, बल्कि उसे यह भी सिखाता है कि हर परिस्थिति में संतुलित रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे किया जाए। गीता का निष्काम कर्म योग व्यक्ति को बिना फल की चिंता किए कर्म करने की प्रेरणा देता है, जो जीवन को सफल और सार्थक बनाता है।

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम और गीता के संदेशों से सुसज्जित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए और जय श्रीराम के उद्घोष लगाते हुए पूरे ग्राम में भ्रमण करते रहे, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।

मंदिर परिसर में आयोजित इस आध्यात्मिक यज्ञ में प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को गीता और रामायण के गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों से अवगत कराया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान धर्म, अध्यात्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में ललिता राय, पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा सुरेश राय, पूर्व सरपंच अनिल राय, जिला मंत्री भाजपा डॉ. प्रशांत राय, पूर्व सरपंच डॉ. अन्नु राय, मंडल उपाध्यक्ष अमित राय, डॉ. सुनील राय, आशीष राय, जीवन लाल राय, हेमंत राय तथा राजनारायण राय सहित अन्य सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

आयोजकों द्वारा जानकारी दी गई कि सात दिवसीय इस गीता ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन सुबह और शाम प्रवचन, भजन-कीर्तन, ध्यान साधना तथा धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न विद्वान वक्ता एवं संतजन अपने विचारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को धर्म और अध्यात्म के प्रति जागरूक करना, युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना तथा समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक यज्ञ का लाभ उठाएं और अपने जीवन को गीता के सिद्धांतों के अनुरूप बनाने का संकल्प लें।

सिलौंडी में आयोजित यह गीता ज्ञान यज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता यह दर्शाती है कि आज भी समाज में धर्म और अध्यात्म के प्रति गहरी आस्था और विश्वास विद्यमान है।

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