जागरूकता समिति ने श्री राम स्टेडियम में मनाया होली मिलन समारोह,रंगपंचमी के संदेश के साथ दिया एकता और सौहार्द का संदेश।
सरपंच पंचो संतोष कुमार और उपसरपंच राहुल राय रहे मुख्य अतिथि,आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं व पंचायत कर्मियों के सेवा कार्यों की सराहना।
सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।
रंगों का पर्व रंगपंचमी भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण और उल्लासपूर्ण पर्व है, जो केवल रंगों के उत्सव तक ही सीमित नहीं है बल्कि जीवन में प्रेम, भाईचारे, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है। होली के पांच दिन बाद मनाई जाने वाली रंगपंचमी को विशेष रूप से हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। इसी भावना को साकार करते हुए सिलौंडी में जागरूकता समिति द्वारा श्री राम स्टेडियम परिसर में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और पंचायत कर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सिलौंडी सरपंच पंचो संतोष कुमार और उपसरपंच राहुल राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पहुंचते ही जागरूकता समिति के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथियों ने समिति के सदस्यों तथा उपस्थित लोगों को गुलाल का तिलक लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पूरे वातावरण में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला, जहां सभी लोग रंगों के इस पर्व की खुशियों में सराबोर नजर आए।
सरपंच पंचो संतोष कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि होली और रंगपंचमी जैसे पर्व भारतीय संस्कृति की पहचान हैं, जो समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि रंगों का यह त्योहार हमें यह संदेश देता है कि हमें अपने जीवन में प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को बनाए रखना चाहिए। ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक साथ लाकर आपसी संबंधों को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। उन्होंने जागरूकता समिति की सराहना करते हुए कहा कि समिति द्वारा सामाजिक स्तर पर किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं और इससे गांव में सकारात्मक माहौल बनता है।
उन्होंने विशेष रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और पंचायत कर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये सभी लोग गांव के विकास और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांव के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, वहीं पंचायत कर्मी भी गांव के विकास कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते हैं। ऐसे कर्मठ लोगों का सम्मान और उत्साहवर्धन होना समाज के लिए प्रेरणादायक होता है।
उपसरपंच राहुल राय ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रंगपंचमी का त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह जीवन में खुशियों और सकारात्मकता का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि जैसे विभिन्न रंग मिलकर एक सुंदर इंद्रधनुष बनाते हैं, उसी तरह समाज के अलग-अलग लोग जब प्रेम और सौहार्द के साथ मिलकर रहते हैं तो समाज मजबूत और समृद्ध बनता है। उन्होंने कहा कि रंग हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और ये न केवल हमारे बाहरी वातावरण को सुंदर बनाते हैं बल्कि हमारे भीतर भी नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं।
जागरूकता समिति के संयोजक अमरीश राय ने बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य गांव में सामाजिक जागरूकता बढ़ाना, लोगों के बीच सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्य समय-समय पर विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य करते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि समिति में गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और पंचायत कर्मी भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जो दिन-रात गांव के लोगों की सेवा में लगे रहते हैं। ऐसे आयोजन उनके कार्यों के प्रति सम्मान प्रकट करने और उनका मनोबल बढ़ाने का एक माध्यम भी होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और आपसी प्रेम व सौहार्द का परिचय दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान खुशियों और उत्साह का माहौल बना रहा। लोगों ने एक साथ मिलकर रंगों के इस पर्व का आनंद लिया और समाज में एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को और मजबूत करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के अंत में जागरूकता समिति के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहने की बात कही।
इस अवसर पर सचिव देवराज धनगर, जागरूकता समिति के सदस्य धीरज जैन, मीना महोबिया, सावित्री नामदेव, विनीता राय, रीना राय, अरुण राय, साक्षी, बैजू सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
