जाग्रति कॉलोनी में नवरात्रि पर कन्या पूजन और भव्य भजन संध्या का आयोजन।
समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में आत्मीय कन्या भोज,महिला मंडल की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने बांधा समां।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
नवरात्रि के पावन अवसर पर अष्टमी-नवमी के दिन जाग्रति कॉलोनी, तिलक कॉलेज रोड खिरहनी में भक्ति, आस्था और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के निज निवास पर देवी स्वरूप नन्ही कन्याओं का विधिवत पूजन कर आत्मीय और भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया, वहीं शाम को महिला मंडल द्वारा मां जगदम्बा के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक समरसता और सर्वधर्म समभाव के संदेश के साथ हुई। रेखा अंजू तिवारी ने देवी स्वरूप छोटी-छोटी कन्याओं के चरण पखारकर उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। कन्याओं को रोली-तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया गया तथा मां जगदम्बा से विश्व कल्याण, परिवार और समाज के सुख-समृद्धि की मंगलकामना की गई। उन्होंने भावपूर्ण प्रार्थना करते हुए मां से सभी की भूल-चूक को क्षमा कर जीवन में शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का आशीर्वाद देने की कामना की।
इस अवसर पर अंशुल आनंद तिवारी एवं अदिति तिवारी के विशेष सहयोग से सभी कन्याओं को प्रेमपूर्वक हलुआ, चना, पूरी और सब्जी का प्रसाद स्वरूप भोजन कराया गया। साथ ही उन्हें उपहार के रूप में माता रानी की चुनरी एवं दैनिक उपयोग की सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कन्याओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित भी किया गया।
शाम के समय जाग्रति कॉलोनी की महिला मंडल द्वारा मां जगदम्बा के समक्ष भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूम उठे और पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में वयोवृद्ध मातृशक्ति सहित प्रभा तिवारी, नारायणी पांडेय, आशा चतुर्वेदी, शीला सिन्हा, द्रोपदी गौतम, सपना दुबे, बीना सेठी, वर्षा तिवारी, रोशनी तिवारी, ज्योति जायसवाल, प्रज्ञा तिवारी, गुड़िया मिश्रा, दिव्या सिंह समेत अनेक सम्मानित महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को मां जगदम्बा का प्रसाद, श्रृंगार सामग्री और चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि समाज में एकता, सेवा और संस्कारों का भी सशक्त संदेश दिया।





