तंत्र-मंत्र के नाम पर हवस का खेल,58 वीडियो,150 से ज्यादा पीड़िताएं और करोड़ों की संपत्ति,बाबा अशोक खरात का काला साम्राज्य उजागर।

 तंत्र-मंत्र के नाम पर हवस का खेल,58 वीडियो,150 से ज्यादा पीड़िताएं और करोड़ों की संपत्ति,बाबा अशोक खरात का काला साम्राज्य उजागर।

नासिक में फर्जी तांत्रिक पर दुष्कर्म,ब्लैकमेल और अंधविश्वास फैलाने के गंभीर आरोप,SIT जांच में सामने आ रहे लगातार चौंकाने वाले खुलासे,हथियार और नेटवर्क की भी पड़ताल।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

महाराष्ट्र के नासिक जिले से सामने आया तथाकथित तांत्रिक बाबा अशोक खरात का मामला अब एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का रूप लेता जा रहा है। प्रारंभिक जांच में जो मामला कुछ महिलाओं के शोषण तक सीमित दिखाई दे रहा था, वह अब सैकड़ों महिलाओं के उत्पीड़न, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग, अंधविश्वास के जरिए मानसिक नियंत्रण और करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति तक फैल चुका है। इस पूरे प्रकरण ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्य स्तर की एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया है।

आरोपी अशोक खरात की पृष्ठभूमि भी जांच का विषय बनी हुई है। बताया जाता है कि वह पहले मर्चेंट नेवी में कार्य कर चुका है, लेकिन बाद में उसने तंत्र-मंत्र और ज्योतिष का सहारा लेकर एक नया चेहरा तैयार किया। धीरे-धीरे उसने खुद को एक ऐसे ‘समस्या समाधानकर्ता’ के रूप में स्थापित किया, जो काला जादू हटाने, संतान प्राप्ति कराने, वैवाहिक जीवन सुधारने और असाध्य बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था। इसी आड़ में उसने लोगों का विश्वास जीता और फिर उसी विश्वास का दुरुपयोग किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाता था। वह पीड़िताओं को यह विश्वास दिलाता था कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल विशेष पूजा या गुप्त अनुष्ठान से ही संभव है, जो आम लोगों के सामने नहीं किया जा सकता। इस बहाने वह महिलाओं को अपने निजी ठिकानों, फार्महाउस या बंद कमरों में बुलाता था। यहां वह उन्हें नशीला पदार्थ देता या मानसिक रूप से इस हद तक डराता कि वे विरोध करने की स्थिति में नहीं रह पातीं।

इसके बाद आरोपी उनके साथ दुष्कर्म करता और पूरे कृत्य का वीडियो बना लेता था। यही वीडियो बाद में ब्लैकमेल का सबसे बड़ा हथियार बनता था। पीड़िताओं को धमकी दी जाती थी कि यदि उन्होंने किसी को कुछ बताया तो वीडियो सार्वजनिक कर दिए जाएंगे, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी। इस डर के कारण कई महिलाएं वर्षों तक चुप रहीं और लगातार शोषण का शिकार होती रहीं।

पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में 58 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद किए जा चुके हैं। वहीं डिजिटल डिवाइस और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच में वीडियो की संख्या 200 से बढ़कर 300 तक होने की संभावना जताई जा रही है। यह संकेत देता है कि आरोपी का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और उसने सुनियोजित तरीके से इस अपराध को अंजाम दिया।

इस मामले में अब तक 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जबकि 150 से ज्यादा महिलाओं ने आगे आकर अपने साथ हुई घटनाओं का खुलासा किया है। कई पीड़िताएं अलग-अलग जिलों से सामने आई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी का प्रभाव क्षेत्र व्यापक था। पुलिस को यह भी आशंका है कि पीड़िताओं की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

अंधविश्वास इस पूरे मामले की जड़ में रहा है। आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि उनके ऊपर किसी प्रकार की नकारात्मक शक्ति या काला साया है, जिसे केवल वही दूर कर सकता है। यदि उसकी बातों का पालन नहीं किया गया तो परिवार पर संकट आ सकता है। इस तरह के भय का वातावरण बनाकर उसने मानसिक रूप से लोगों को अपने नियंत्रण में रखा।

जांच के दौरान आरोपी की संपत्ति भी सवालों के घेरे में है। उसके पास कई कीमती जमीन, फार्महाउस और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार उसकी कुल संपत्ति सैकड़ों करोड़ रुपए तक हो सकती है। आयकर विभाग, स्टांप एवं पंजीयन विभाग और अन्य वित्तीय एजेंसियां उसकी आय के स्रोतों की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह धन ब्लैकमेलिंग और अन्य अवैध गतिविधियों से तो अर्जित नहीं किया गया।

मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है, जिसमें आरोपी के पास से रिवॉल्वर मिलने और कुछ कारतूस गायब होने की जानकारी मिली है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हथियार वैध था या अवैध, और इसका उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी किसी बड़े आपराधिक गिरोह या नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी के संपर्क कई प्रभावशाली और रसूखदार लोगों से भी थे। यही कारण रहा कि वह लंबे समय तक कानून की नजरों से बचता रहा। हालांकि अब जब मामला उजागर हो चुका है, तब विशेष जांच दल का गठन कर हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल डेटा, बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित तंत्र भी हो सकता है। इसलिए हर संभावित कड़ी को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

यह मामला समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। अंधविश्वास, भय और चमत्कार के झांसे में आकर लोग किस तरह अपने जीवन को खतरे में डाल देते हैं, इसका यह एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता, शिक्षा और कानूनी सख्ती बेहद जरूरी है।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति द्वारा किए जा रहे चमत्कार या तंत्र-मंत्र के दावों पर आंख बंद कर विश्वास न करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही पीड़िताओं को भी आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके और समाज में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

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