सिलौंडी क्षेत्र की सुदूर सड़कों को मिलेगी नई दिशा,विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वीकृति हेतु लिखा पत्र।
ग्रामीण अंचलों की वर्षों पुरानी मांग पर पहल,दर्जनों संपर्क मार्गों के निर्माण से आवागमन और विकास को मिलेगा बल।
सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।
सिलौंडी क्षेत्र के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से सड़कों की जर्जर स्थिति और कई स्थानों पर सड़क संपर्क के अभाव के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो जाते थे, जब कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से पूरी तरह कट जाता था। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है।
विधायक ने सिलौंडी मंडल के विभिन्न ग्रामों में सुदूर सड़कों के निर्माण एवं स्वीकृति के लिए जिला पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को विस्तृत पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह प्रस्ताव केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत और जनता की वास्तविक जरूरतों पर आधारित है, जिसे विधायक ने अपने हालिया मंडल प्रवास के दौरान प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया।
मंडल अध्यक्ष मनीष सिंह बागरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष वर्षों से लंबित सड़क समस्याओं को प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांव आज भी पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का उपचार, किसानों की उपज का परिवहन और दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने तत्काल पहल करते हुए संबंधित विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया।
प्रस्ताव में शामिल सड़कों की सूची काफी व्यापक है, जिसमें गोपालपुर-हरदुआ से सनकुई मार्ग, खंदवारा से झकाझोर होते हुए सारंगपुर सगोया मार्ग तक, खंदवारा से किरहा जलाशय होते हुए मुख्य मार्ग तक, सिमरिया से महेंद्र पटेल के घर तक संपर्क मार्ग, खमतर्रा से ऊचेहरा मार्ग, देवरी मारवाड़ी से सिंघनपुरा तक पहुंच मार्ग, पहरूआ से खेर माता, पिंडरई से सगोना मार्ग, देहगवा से खिरवा मार्ग, देवरी से पिपरिया मार्ग, पिंडरई से तिलमन, सगमा कॉलोनी से संतोष बागरी के घर तक मार्ग शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त सनकुई में शंकर मंदिर से नाले तक, कचनारी के टगारा मोहल्ला से मुख्य मार्ग तक, महनेर में नर्मदा नहर से गांव की ओर, दशरमन में गानियारी रोड से श्रीदेव धाम तक, महादेवी मंदिर से घटेरया घाट तक, खाम्हा (करही) से बड़ी नहर तक, खम्हरिया (बागरी) में मुक्तिधाम से बहेली मोहल्ला तक तथा लालपुर में सुनहारा तालाब से नई बस्ती तक जैसे महत्वपूर्ण आंतरिक और संपर्क मार्ग भी प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं।
इन सभी सड़कों की लंबाई लगभग 1.5 किलोमीटर निर्धारित की गई है और प्रत्येक सड़क के निर्माण पर लगभग 20 लाख रुपये की अनुमानित लागत प्रस्तावित की गई है। यदि इन सभी सड़कों को स्वीकृति मिलती है तो यह क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा परिवर्तन साबित होगा। इससे न केवल गांव-गांव का संपर्क बेहतर होगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होती, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार की जीवनरेखा होती है। बेहतर सड़कें होने से स्कूल जाने वाले बच्चों को सुविधा मिलेगी, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में आसानी होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने विधायक की इस पहल का दिल से स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे इस समस्या को झेल रहे थे, लेकिन अब उन्हें उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी। कई ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यदि ये सड़कें बन जाती हैं तो सिलौंडी क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
जनता ने विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जमीनी समस्याओं को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की है। ग्रामीणों ने यह भी आशा जताई है कि जिला पंचायत स्तर पर इस प्रस्ताव को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावित सड़कों को समय पर मंजूरी मिलती है और कार्य शीघ्र प्रारंभ होता है, तो आने वाले समय में सिलौंडी क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
