खितौला जैन समाज की भव्य शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब,महिलाओं की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र।
महावीर जयंती पर श्रद्धा और उत्साह का संगम,झांकियों व धार्मिक अनुष्ठानों ने बांधा समां,भंडारा,आरती और भक्तांबर पाठ के साथ संपन्न हुआ आयोजन।
सिहोरा,ग्रामीण खबर MP।
खितौला जैन समाज द्वारा भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव को बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों—महिलाएं, पुरुष एवं बच्चों—ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया और हर ओर भगवान महावीर के जयघोष गूंजते रहे।
शोभायात्रा का शुभारंभ जैन मंदिर से हुआ, जहां से सुसज्जित रथों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। यात्रा के दौरान भगवान महावीर के जीवन, उनके सिद्धांतों और उपदेशों को दर्शाती झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
इस भव्य आयोजन में महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं की टोली ने अनुशासन और गरिमा के साथ शोभायात्रा में भाग लिया। महिलाओं द्वारा प्रस्तुत विशेष बैंड वाद्य ने पूरे वातावरण को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया, जिससे यात्रा को एक नई पहचान मिली और लोगों ने इस पहल की सराहना की।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजजनों एवं नगरवासियों द्वारा शोभायात्रा का स्वागत किया गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई। नगर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जो इस आयोजन की सफलता का प्रमाण रही।
शोभायात्रा के उपरांत जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधानपूर्वक संपन्न किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
महावीर जयंती के पावन अवसर पर समाज द्वारा सेवा भाव का भी परिचय दिया गया। प्रत्येक घर में मिष्ठान के डिब्बों का वितरण किया गया तथा मंदिर के स्टाफ एवं मंदिर के सामने स्थित दुकानदारों को भी प्रसाद स्वरूप मिठाई भेंट की गई। इसके साथ ही दोपहर 2 बजे से भंडारा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
रात्रि 7 बजे से मंदिर परिसर में आरती एवं भक्तांबर पाठ का आयोजन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान की स्तुति की और वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
कार्यक्रम के समापन पर समाज के लोगों ने भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, सत्य और संयम के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। खितौला जैन समाज का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और सामूहिक सहभागिता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
