सिहोरा आने का वादा भूल गए मुख्यमंत्री?तीन माह बाद भी नहीं बना कार्यक्रम,उपेक्षा से आहत सिहोरावासी।
26 दिसंबर को प्रतिनिधिमंडल से किया था जल्द सिहोरा आने का वादा,इन तीन महीनों में जबलपुर-कटनी के कई दौरे,जिला आंदोलन समिति ने कहा-मुख्यमंत्री निभाएं अपना आश्वासन।
सिहोरा,ग्रामीण खबर MP।
सिहोरा जिला आंदोलन के अंतिम चरण में भोपाल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया सिहोरा आने का वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है। 26 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक के दौरान उन्होंने जल्द सिहोरा आने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग तीन माह बीतने के बाद भी उनके आगमन का कोई कार्यक्रम सामने नहीं आया है। इससे सिहोरा क्षेत्र के लोगों में निराशा और उपेक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
इन तीन महीनों के दौरान मुख्यमंत्री के जबलपुर और कटनी क्षेत्र में कई बार दौरे हुए और करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की घोषणाएं भी की गईं, लेकिन सिहोरा में अब तक उनका कार्यक्रम तय नहीं हो सका। इसे लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि सिहोरा क्षेत्र लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है।
सिहोरा भी मध्यप्रदेश में।
26 दिसंबर 2025 को सिहोरा जिला बनाने की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान प्रतिनिधियों ने तंज भरे अंदाज में कहा था कि सिहोरा भी मध्यप्रदेश का ही हिस्सा है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा था कि वे स्वयं सिहोरा आएंगे और क्षेत्र की स्थिति को समझेंगे। उन्होंने स्थानीय विधायक संतोष बरकड़े को कार्यक्रम बनाने के निर्देश भी दिए थे।
हालांकि लगभग तीन माह बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री के सिहोरा आगमन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इससे लोगों में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर मुख्यमंत्री का सिहोरा दौरा कब होगा।
सिहोरा की उपेक्षा के गहरे होते घाव।
सिहोरा क्षेत्र में लंबे समय से जिला बनाए जाने की मांग उठती रही है। क्षेत्र की जनता का कहना है कि लगातार चुनावों में भाजपा को भारी समर्थन मिलने के बावजूद अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। इसी नाराजगी के चलते सिहोरा जिला आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला था।
3 दिसंबर से शुरू हुआ यह आंदोलन 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया था। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री स्वयं सिहोरा आकर क्षेत्र की समस्याओं को सुनेंगे और जिला बनाने की मांग सहित अन्य विकास मुद्दों पर पहल करेंगे।
लेकिन अब तक उनका दौरा तय नहीं होने से लोगों में यह धारणा बन रही है कि सिहोरा की उपेक्षा जारी है और आंदोलन के दौरान मिले आश्वासन भी अधूरे रह गए हैं।
आजू-बाजू विकास योजनाएं, सिहोरा के हाथ खाली।
सिहोरा के नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री लगातार जबलपुर और कटनी क्षेत्र में दौरे कर रहे हैं और वहां करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण व भूमि पूजन भी कर रहे हैं। इसके बावजूद सिहोरा क्षेत्र को अब तक कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है।
जिला बनने का सपना देख रहे सिहोरा के लोगों की नजरें अब भी मुख्यमंत्री की ओर टिकी हुई हैं। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं सिहोरा आएंगे तो क्षेत्र के विकास और जिला बनाने की मांग को नई दिशा मिल सकती है।
वादा निभाने की उठी मांग।
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से अपने वादे को निभाने की अपील की है। समिति के अनिल जैन, विकास दुबे, कृष्ण कुमार कुररिया, मानस तिवारी, संतोष पांडे, संतोष वर्मा, अमित बक्शी, सुशील जैन, नितेश खरया, रामजी शुक्ला, प्रदीप दुबे, नवीन शुक्ला और नंदू परोहा सहित अन्य सदस्यों ने कहा है कि मुख्यमंत्री को शीघ्र सिहोरा आकर क्षेत्र की जनता से संवाद करना चाहिए।
समिति का कहना है कि मुख्यमंत्री के सिहोरा आने से क्षेत्र की जनता को विश्वास मिलेगा और लंबे समय से उठ रही जिला बनाने की मांग पर भी सकारात्मक पहल की उम्मीद जगेगी। फिलहाल सिहोरा के लोग मुख्यमंत्री के उस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, जो उन्होंने तीन महीने पहले किया था।
