एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग तेज,महिला अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन।
शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सैना की हत्या के विरोध में जिला न्यायालय परिसर में रोष,महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा और अनुकंपा नियुक्ति की मांग।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सैना की गोली मारकर की गई हत्या की घटना के बाद प्रदेशभर में अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में कटनी जिला न्यायालय परिसर में समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन भेजकर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना समय की प्रमुख आवश्यकता बन चुकी है, विशेषकर महिला अधिवक्ताओं के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए। अधिवक्ता संजय सक्सैना की निर्मम हत्या से अधिवक्ता समाज में भय, आक्रोश और असुरक्षा की भावना गहराई है, जिससे न्यायिक कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रेखा अंजू तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सुरक्षा राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि विषम परिस्थितियों को देखते हुए महिला अधिवक्ताओं के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाएं। साथ ही उन्होंने मृतक अधिवक्ता के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने की मांग भी उठाई।
जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष एडवोकेट संतु परौहा ने कहा कि संजय सक्सैना की हत्या अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक है। इस घटना ने अधिवक्ता समुदाय को झकझोर दिया है। उन्होंने शासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोरतम दंड की मांग करते हुए कहा कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को अब और लंबित रखना उचित नहीं है।
अधिवक्ता शिखा पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो महिला अधिवक्ता समुदाय व्यापक लोकतांत्रिक जन-आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की हत्या का मामला नहीं, बल्कि समूचे अधिवक्ता समाज की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है।
जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी सदस्य माधवी पांडेय ने शासन-प्रशासन से मांग की कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस अवसर पर श्रीमती रेनू सिंह सोलंकी, एडवोकेट मेघा शर्मा, एडवोकेट माहेश्वरी विश्वकर्मा, एडवोकेट शीतल पटेल, अधिवक्ता जीत जायसवाल, अधिवक्ता संजय वैश्य, जूनियर अधिवक्ता रीनू पटेल, मीडिया प्रभारी अमन सिंह राजपाल, जूनियर अधिवक्ता श्रीकांत श्रीवास्तव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को अतिशीघ्र लागू किए जाने की मांग की।
