छपरवाह मेन रोड पर अवैध ‘चौरसिया मैरिज गार्डन’बना जाम का स्थायी कारण,एम्बुलेंस तक घंटों फंसी।

 छपरवाह मेन रोड पर अवैध ‘चौरसिया मैरिज गार्डन’बना जाम का स्थायी कारण,एम्बुलेंस तक घंटों फंसी।

कई दर्जन गांवों के एकमात्र मार्ग पर बारात घर की अव्यवस्था से रोजाना ठप होता आवागमन,ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश,प्रशासन से सख्त कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग।

कटनी,ग्रामीण खबर MP।

छपरवाह मेन रोड पर संचालित अवैध बारात घर‘चौरसिया मैरिज गार्डन’ क्षेत्र के लिए गंभीर यातायात संकट का कारण बनता जा रहा है। विवाह समारोहों के दौरान सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग, डीजे और सजावट के नाम पर मार्ग का संकरा होना तथा भीड़ प्रबंधन के अभाव में घंटों जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। यह सड़क कई दर्जन ग्रामों को तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख और एकमात्र सुगम मार्ग है। ऐसे में जब-जब इस बारात घर में कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तब-तब क्षेत्र की रफ्तार थम जाती है और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बारात घर के बाहर सैकड़ों चारपहिया और दोपहिया वाहन बिना किसी नियमन के सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं। कई बार तो वाहन मुख्य मार्ग के बीचों-बीच खड़े रहते हैं, जिससे दोनों ओर लंबी कतारें लग जाती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को पैदल निकलने में भी कठिनाई होती है। शाम के समय स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब रोशनी और सजावट के कारण सड़क का वास्तविक स्वरूप स्पष्ट नहीं रहता और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

बीते दिवस की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया, जब एक एम्बुलेंस घंटों जाम में फंसी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी, लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने के कारण एम्बुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। परिजन बार-बार रास्ता खाली करने की गुहार लगाते रहे, परंतु अव्यवस्थित पार्किंग और भीड़ के कारण समय पर मार्ग नहीं मिल सका। यह घटना न केवल प्रशासनिक उदासीनता की ओर संकेत करती है, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की चेतावनी भी देती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित बारात घर के पास पर्याप्त पार्किंग स्थल नहीं है, फिर भी बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं। नियमानुसार किसी भी आयोजन स्थल पर वाहन खड़े करने की समुचित व्यवस्था, अग्निशमन सुरक्षा, आपातकालीन निकास और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था होना अनिवार्य है। किंतु यहां इन मानकों का पालन होते नहीं दिख रहा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है तो आयोजनों की संख्या और स्वरूप को सीमित किया जाना चाहिए।

शादी-ब्याह के चलते हालात अत्यधिक भयावह हो जाते हैं। सप्ताहांत और शुभ मुहूर्त के दिनों में लगातार कार्यक्रम होने से सड़क कई-कई घंटों तक बाधित रहती है।

 कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है, जब राहगीर और वाहन चालक आपस में उलझ पड़ते हैं। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि बारात घर संचालक की जिम्मेदारी है कि वह समारोहों के दौरान सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखे। पर्याप्त निजी पार्किंग स्थल विकसित करे, वाहनों के सुव्यवस्थित प्रवेश और निकास की व्यवस्था बनाए तथा यातायात नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवक या सुरक्षा कर्मी तैनात करे। साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी वैधानिक नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की राह अपनाने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि जनहित सर्वोपरि है और किसी भी निजी आयोजन के कारण आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि प्रशासन इस प्रकरण की गंभीरता से जांच कराए, वैधानिक अनुमति और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करे तथा आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि बारात घर अवैध रूप से संचालित पाया जाता है तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए या फिर सभी आवश्यक शर्तों के पालन के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाए।

अब प्रश्न यह उठता है कि क्या जिम्मेदार विभाग समय रहते इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाएंगे, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी। फिलहाल छपरवाह और आसपास के दर्जनों गांवों के लोग समाधान की प्रतीक्षा में हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचेगी और उन्हें जाम की इस स्थायी समस्या से राहत मिलेगी।

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