ढीमरखेड़ा में खाद वितरण में बड़ा खुलासा,कांग्रेस जिला अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद उजागर हुई जबरन ‘जिंक’ बिक्री की गड़बड़ी।

 ढीमरखेड़ा में खाद वितरण में बड़ा खुलासा,कांग्रेस जिला अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद उजागर हुई जबरन ‘जिंक’ बिक्री की गड़बड़ी।

एसडीएम निधि गोहल ने स्पष्ट किया यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य नहीं;किसानों से जबरन वसूली का आरोप गंभीर,होगी सख्त जांच।

ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।

कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में खाद वितरण व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। डबल लॉक खाद वितरण केंद्र पर किसानों के साथ गंभीर अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है, जहां केंद्र संचालक विजय बर्मन पर किसानों को यूरिया के साथ जिंक खरीदने के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगा है। इस कथित गड़बड़ी ने न केवल किसानों की जेब पर बोझ डाला है बल्कि प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

किसानों के अनुसार वितरण केंद्र में अक्सर निर्धारित समय से पहले खाद वितरित कर दी जाती है, जिससे कई किसान समय पर पहुँच नहीं पाते और फिर उन्हें बावजूद के दबाव में जिंक खरीदनी पड़ती है। किसानों ने बताया कि इस समय खेती के मौसम में जिंक की न तो आवश्यकता है और न ही यह कृषि विभाग की किसी अनिवार्य सूची में शामिल है। इसके बावजूद किसानों को जिंक लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे संदेह है कि किसी निजी कंपनी के साथ मिलीभगत कर जबरन बिक्री कराई जा रही है।

मामला तब और गंभीर हो गया जब कृषि विस्तार अधिकारी (एडीओ) रमेश सिंह श्याम का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है और यह साथ ही आती है। किसानों के पास मौजूद एक कॉल रिकॉर्डिंग में भी अधिकारी द्वारा यह दावा किया गया है, जो इस पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है। किसानों का कहना है कि यदि अधिकारी ही गलत जानकारी दे रहे हैं, तो यह पूरा खेल अधिकारियों और संचालक की मिलीभगत से चल रहा है।

इसी दौरान क्षेत्र में मौजूद कटनी कांग्रेस जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह को ग्रामीणों ने पूरी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने तुरंत एसडीएम निधि गोहल से बात की। एसडीएम का जवाब चौंकाने वाला था—उन्होंने साफ कहा कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य नहीं है और न ही इस तरह जिंक यूरिया के साथ एड होकर आती है। एसडीएम गोहल ने बताया कि उन्हें पहली बार इस तरह की शिकायत प्राप्त हुई है और वह तत्काल जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करेंगी।

किसानों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डबल लॉक केंद्र संचालक विजय बर्मन के खिलाफ एसडीएम को लिखित शिकायत सौंप दी है। शिकायत में कहा गया है कि जबरन जिंक खरीदवाकर किसानों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है और खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह अव्यवस्थित है।

एसडीएम निधि गोहल ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और कठोर होगी तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या संचालक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान को जबरन जिंक खरीदनी पड़ी है, तो वह शिकायत आवेदन देकर जिंक वापस कर सकता है और अपनी जमा राशि भी वापस ले सकता है।

किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस तरह की गड़बड़ियों को नहीं रोका तो खाद वितरण प्रणाली को सुधारना मुश्किल हो जाएगा और किसान लगातार शोषण का शिकार होते रहेंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिले में खाद वितरण व्यवस्था की व्यापक जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लग सके।

वर्तमान में पूरा क्षेत्र इस बात को लेकर चर्चा में है कि आखिर कैसे किसान हित में दी जाने वाली सुविधाओं को गलत तरीके से निजी लाभ का माध्यम बनाया जा रहा है। किसान प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनका कृषि कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चल सके।

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