क्रेशर प्लांट के डंपरों से उड़ती धूल ने बिगाड़ी बरही के वार्ड-15 की सांसें,बढ़ रहे टीबी-दमा के मामले,लोगों में भारी आक्रोश।
पानी छिड़काव पूरी तरह बंद,वार्ड 12,13,14 और 15 के हजारों लोग प्रभावित,सड़क निर्माण की मांग पर पार्षद ने फिर दोहराई आवाज।
बरही,ग्रामीण खबर MP।
नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 15 के निवासियों का जीवन इन दिनों बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच गया है। वार्ड के समीप संचालित क्रेशर प्लांट से जुड़े भारी डंपर और ट्रक धूल का ऐसा गुबार उड़ाते हैं कि पूरा इलाका धुंध की चादर में दिनभर ढंका रहता है। रात-दिन दौड़ते इन भारी वाहनों से सड़क पर धूल की मोटी परत जम चुकी है, जिसके कारण लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार उड़ रही धूल से टीबी, दमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासी बताते हैं कि घरों, दुकानों, स्कूलों और गलियों तक धूल की परत जम रही है, जिससे दैनिक गतिविधियाँ भी प्रभावित हो रही हैं।
लोगों ने गंभीर आरोप लगाया कि क्रेशर प्लांट संचालकों द्वारा सड़क पर नियमित पानी छिड़काव नहीं कराया जा रहा, जबकि यह पर्यावरणीय नियमों के तहत अनिवार्य है। पानी छिड़काव बंद होने से धूल का स्तर नियंत्रण से बाहर हो गया है और हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।
वार्ड-15 के पार्षद इक़बाल निज़ाम पवार ने बताया कि क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग को लेकर शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उनके अनुसार, क्रेशर से गिट्टी लेकर निकलने वाले भारी वाहनों की दिनभर आवाजाही से न केवल वार्ड-15, बल्कि वार्ड 12, 13 और 14 के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। सड़क निर्माण होने पर धूलजनित समस्याओं और गंभीर बीमारियों से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
वार्डवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्रेशर प्लांट संचालकों पर नियम पालन हेतु सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क पर नियमित पानी छिड़काव अनिवार्य किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सांस लेने लायक स्वच्छ वातावरण मिल सके।
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