ढीमरखेड़ा में दर्दनाक हादसा,ट्रैक्टर की चपेट में आने से 14 वर्षीय बालक की मौत।
जुताई के दौरान घोर लापरवाही बनी त्रासदी,पुलिस ने ट्रैक्टर व चालक को लिया अभिरक्षा में,आपराधिक प्रकरण दर्ज कर प्रारंभ की विस्तृत जांच।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
थाना ढीमरखेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक ऐसा दिल दहलाने वाला हादसा सामने आया जिसने पूरे गाँव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ा दी। खेत में जुताई के दौरान हुए इस दुर्घटना में 14 वर्षीय दिव्यांशु मेहरा की असामयिक मौत ने परिजनों को ही नहीं बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध और दुखाकुल कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा न केवल दर्दनाक है, बल्कि कृषि कार्यों में बरती जाने वाली लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
मिली जानकारी के अनुसार फरियादी सुशील कुमार पिता कोदूलाल मेहरा निवासी ग्राम सगोना अपने खेत में जुताई-बुवाई का कार्य करा रहे थे। खेत में लाल रंग का मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर, जिसे नारायण यादव चला रहा था, सुबह करीब 9.25 बजे जुताई कर रहा था। इसी दौरान फरियादी का पुत्र दिव्यांशु मेहरा, जो महज 14 वर्ष का था, ट्रैक्टर पर बैठा हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार कई बार बच्चों के खेत में मशीनों के पास रहने से खतरा बढ़ जाता है, लेकिन अनजाने में यह प्रवृत्ति बनी रहती है।
घटना के अनुसार जुताई के दौरान अचानक दिव्यांशु का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, ट्रैक्टर के पहिए उसकी ओर बढ़ गए और वह उसकी चपेट में आ गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह दृश्य देखते ही परिजनों और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई और खेत का माहौल मातम में बदल गया।
हादसे की सूचना मिलते ही ढीमरखेड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा। मेडिकल टीम की उपस्थिति में की गई प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों के विलाप के बीच पूरा गांव इस घटना को लेकर व्यथित दिखाई दिया।
फरियादी की शिकायत पर थाना ढीमरखेड़ा ने मर्ग कायम करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ की। पुलिस ने ट्रैक्टर और उसके चालक नारायण यादव को अभिरक्षा में लेते हुए प्रकरण क्रमांक 517/25 अंतर्गत धारा 281, 106(1) बीएनएस के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक विवेचना में यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि हादसा चालक की लापरवाही के कारण ही हुआ। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है, साथ ही ट्रैक्टर की तकनीकी स्थिति, घटनास्थल की परिस्थितियों तथा संभावित सबूतों का संकलन किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्यों के दौरान सुरक्षा और सतर्कता को लेकर जागरूकता न होने से ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं। कई बार किसान और मजदूर जल्दबाजी में मशीनों के संचालन और बच्चों की मौजूदगी के प्रति गंभीर नहीं रहते, जिसका खामियाजा काफी भारी पड़ता है। दिव्यांशु की मौत ने गांव में मशीनरी संचालन के दौरान सावधानी बरतने के महत्व को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
घटना से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। लोग परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं और बालक की असमय मौत को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाई है और कहा है कि लापरवाही के हर पहलू की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह दर्दनाक हादसा न केवल एक परिवार को उजाड़ गया, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोरते हुए यह संदेश भी दे गया कि कृषि कार्यों में सुरक्षा नियमों को दरकिनार करना किस तरह जानलेवा साबित हो सकता है।
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