सतपाड़ा सबस्टेशन की मनमानी से परेशान किसान, बिजली समय में बदलाव से उपजा आक्रोश।
बिना पूर्व सूचना के दिन की बिजली रात में देने का फरमान, धान की फसल प्रभावित होने का खतरा।
विदिशा,ग्रामीण खबर MP।
सतपाड़ा वितरण उपकेंद्र शमशाबाद विद्युत मंडल की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार चार महीने से सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मिल रही बिजली आपूर्ति को अचानक बदलकर अब रात में कर दिया गया है। यह निर्णय बिना किसी आधिकारिक सार्वजनिक सूचना के सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालकर लिया गया, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, शमशाबाद तहसील अंतर्गत पीपलखेड़ा क्षेत्र के किसान इन दिनों धान की रोपाई में व्यस्त हैं, जिसके लिए उन्हें दिन के समय बिजली की अत्यधिक आवश्यकता है। लेकिन सतपाड़ा सबस्टेशन द्वारा जेई स्तर पर मनमानी करते हुए बिना उच्चाधिकारियों की स्पष्ट अनुमति के बिजली आपूर्ति का समय बदल दिया गया। किसानों का कहना है कि पहले से ही उन्हें दिन में मात्र 6 से 8 घंटे बिजली मिल रही थी, और अब अगर रात में बिजली दी जाती है तो खेतों में सिंचाई करना और भी कठिन हो जाएगा।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि विद्युत मंडल ओवरलोड का बहाना बना रहा है, जबकि लगभग पांच महीने पहले बड़ा ट्रांसफॉर्मर स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक उसे सतपाड़ा सबस्टेशन पर स्थापित नहीं किया गया है। इस लापरवाही के चलते बार-बार लाइट कटौती और फॉल्ट की समस्या बनी हुई है। मेंटेनेंस भी ठीक से नहीं किया गया है जिससे अक्सर बिजली सप्लाई बाधित रहती है।
इस मनमानी से ब्यौची, पीपलखेड़ा, सुल्तानिया, सकलखेड़ा, पुरेनिय सहित आसपास के सभी ग्राम प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने एक स्वर में मांग की है कि बिजली आपूर्ति पहले की तरह दिन में ही की जाए ताकि फसलों की सिंचाई समय पर की जा सके और उनकी मेहनत व्यर्थ न जाए।
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और जल्द से जल्द ट्रांसफॉर्मर की स्थापना कर बिजली समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
ग्रामीण खबर एमपी,विदिशा
जिला सह ब्यूरो चीफ,मायावती अहिरवार।
