ढीमरखेड़ा में बनेगा नवीन जनपद पंचायत भवन, शासन ने 2022 की दर अनुसूची के आधार पर दी 525.67 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति।

 ढीमरखेड़ा में बनेगा नवीन जनपद पंचायत भवन, शासन ने 2022 की दर अनुसूची के आधार पर दी 525.67 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति।

योजना क्रमांक 4610 अंतर्गत अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क मद से स्वीकृत हुआ बजट, निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्यम से होगा।

ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर mp:

कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा को शासन द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित सौगात प्रदान की गई है। शासन द्वारा जनपद पंचायत भवन निर्माण के लिए 525.67 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति योजना क्रमांक 4610 के अंतर्गत अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली मद से दी गई है। यह प्राक्कलन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा 11 अप्रैल 2022 को जारी दर अनुसूची के आधार पर तैयार किया गया है।

निर्माण कार्य की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) को सौंपी गई है, जो तकनीकी रूप से निर्धारित मानकों और प्रक्रिया के अंतर्गत भवन निर्माण का कार्य संपादित करेगी। यह प्रशासकीय स्वीकृति कुछ विशेष शर्तों के अधीन दी गई है, जिनका पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा।

प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी होने की तिथि से सात कार्य दिवसों के भीतर पंचायत दर्पण पोर्टल पर स्वीकृत कार्य की प्रविष्टि किया जाना अनिवार्य है, जिसकी जिम्मेदारी जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की होगी। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्य के लिए न्यूनतम दो एकड़ भूमि की उपलब्धता भी अनिवार्य शर्त है।

निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले संबंधित सहायक यंत्री, उपयंत्री, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा चयनित भूमि का भौतिक निरीक्षण कर उसे जनहित एवं सुविधा की दृष्टि से उपयोगी पाया जाना आवश्यक है। इसके उपरांत ही निर्माण स्थल का लेआउट, राजस्व निरीक्षक और पंचायत अधिकारियों की उपस्थिति में तैयार किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि चयनित भूमि पूर्व में किसी अन्य कार्य या योजना हेतु आवंटित न हो।

निर्माण स्थल पर कार्य प्रारंभ से पहले भवन का नक्शा संबंधित ग्राम पंचायत से अनुमोदित कराना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, स्थल का अक्षांश और देशांतर भी पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। निर्माण स्थल पर सूचनापट्ट लगाना भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें कार्य की संपूर्ण जानकारी जैसे लागत, प्रारंभ व पूर्णता की तिथि, डिज़ाइन आदि अंकित होंगी।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भवन निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री की प्रयोगशाला से परीक्षण कराना होगा तथा कार्य की नींव, कॉलम, बीम व आरसीसी छत जैसे महत्वपूर्ण चरणों को अनुविभागीय अधिकारी (आरईएस) की उपस्थिति में ही क्रियान्वित करना अनिवार्य होगा।

संबंधित उपयंत्री द्वारा कार्य से संबंधित माप पुस्तिका का नियमित संधारण किया जाएगा और कार्यपालन यंत्री द्वारा कार्य का मासिक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए उसकी रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात ही मूल्यांकन किया जाएगा।

वित्तीय व्यवस्था के अनुसार निर्माण कार्य की प्रथम किस्त के रूप में कुल राशि का 25 प्रतिशत संबंधित जनपद पंचायत को सीधे संचालनालय से प्रदान किया जाएगा। शेष राशि की द्वितीय किस्त, कार्य का 50 प्रतिशत पूर्ण होने के पश्चात, उपयोगिता प्रमाण पत्र, कार्यस्थल के फोटोग्राफ, मूल्यांकन इत्यादि दस्तावेजों की प्रस्तुति पर प्रदान की जाएगी। निर्धारित स्वीकृत लागत से अधिक व्यय की अनुमति नहीं होगी तथा स्वीकृत लागत के अतिरिक्त कोई अन्य राशि देय नहीं मानी जाएगी।

निर्माण कार्य जून 2026 तक पूर्ण कराना अनिवार्य है। कार्य पूर्ण होने के उपरांत पूर्णता प्रमाण पत्र जनपद पंचायत में जमा किया जाना आवश्यक होगा, जिसे एकत्र कर जिला पंचायत स्तर पर संचालक पंचायत राज संचालनालय को प्रेषित किया जाएगा।

निर्माण कार्य की हर अवस्था — प्रारंभ, प्रगति एवं पूर्णता — में पंच परमेश्वर ऐप के माध्यम से जियो टैग फोटोग्राफ अपलोड करना अनिवार्य होगा। कार्य की निगरानी एवं अभिलेख परीक्षण हेतु समस्त दस्तावेजों को अंकेक्षण के समय प्रस्तुत करना होगा।

इस संपूर्ण योजना की प्रभावी निगरानी, क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रमुख जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री पर होगी। समय-समय पर संचालक सह आयुक्त, पंचायत राज संचालनालय द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होगा।

यदि किसी स्थिति में निर्माण स्थल, तकनीकी प्रक्रिया या वित्तीय क्रियान्वयन में कोई विवाद उत्पन्न होता है तो संचालक सह आयुक्त, पंचायत राज संचालनालय द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी माना जाएगा।

यह प्रशासकीय स्वीकृति न केवल ढीमरखेड़ा क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक सुविधा का द्वार खोलेगी, बल्कि इससे पंचायत क्षेत्र में स्थानीय विकास एवं शासन की पहुँच सशक्त होगी। भवन निर्माण के साथ साथ यह परियोजना जनहित में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं गुणवत्ता के मानकों पर भी खरी उतरने वाली होगी।


प्रधान संपादक:अज्जू सोनी,ग्रामीण खबर mp

संपर्क सूत्र:9977110734

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