देगवा महगवां पंचायत में जातिवाद, भ्रष्टाचार और धमकियों का आरोप; सरपंच, सरपंच पति और सचिव के खिलाफ कलेक्टर से की शिकायत।
ग्रामवासियों ने लगाए गंभीर आरोप—पद का दुरुपयोग, झूठे मामलों में फंसाने की धमकी, पंचायत के लेटरपैड का दुरुपयोग, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर mp:
कटनी जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत देगवा महगवां एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार मामला ग्राम के सरपंच, सरपंच पति और सचिव पर लगे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। ग्रामवासियों ने कलेक्टर कटनी को लिखित में शिकायत सौंपते हुए कहा है कि पंचायत प्रतिनिधि लगातार पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं, और जब भी कोई ग्रामीण विरोध करता है, तो उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता नहीं है। कई निर्माण कार्यों और सामुदायिक लाभ की योजनाओं में बिना जनसुनवाई के फैसले लिए जाते हैं और काम अधूरे या कागज़ों में ही पूरे दर्शा दिए जाते हैं। जब कोई ग्रामीण या जागरूक नागरिक इस विषय में शिकायत करता है, तो उन्हें जातिगत प्रताड़ना दी जाती है और मानसिक दबाव बनाया जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच पति एवं सचिव के द्वारा जातिवादी की झूटी शिकायत क़ी जाती हैं और धमकी दी जाती है कि अगर किसी ने पंचायत के कार्यों में दखल दिया, तो उसे जातिगत प्रकरण या महिला संबंधित झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। फोन कॉल्स और व्यक्तिगत रूप से भी ग्रामीणों को जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीण अपने घरों और परिवारों की सुरक्षा को लेकर डरे-सहमे हैं।
शिकायत में एक और गंभीर आरोप यह भी है कि पंचायत के अधिकृत लेटरपैड का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। सरपंच पति और सचिव मिलकर लेटरपैड पर मनगढ़ंत और झूठे दस्तावेज तैयार कर विरोध करने वाले ग्रामीणों को गलत मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामवासियों ने इसे एक सुनियोजित षड़यंत्र बताया है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार वे पक्के साक्ष्य एवं दस्तावेजों के साथ भ्रष्टाचार की शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे सरपंच, सरपंच पति और सचिव के हौसले और बुलंद हो गए हैं। स्थिति यह है कि अब आम ग्रामीण भी शिकायत करने से डरने लगे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन हो रहा है।
शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे ग्राम का सामाजिक और आर्थिक भविष्य इससे प्रभावित हो रहा है। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर एक तरह से ताले लग गए हैं। भ्रष्टाचार, जातिवाद और धमकी की त्रासदी में ग्रामवासी पिस रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामवासियों ने कलेक्टर कटनी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराते हुए सरपंच, सरपंच पति और सचिव को तत्काल उनके पद से पृथक किया जाए और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पंचायत के सभी दस्तावेजों और खर्चों की जांच भी कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अंत में ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो वे समस्त ग्रामवासी कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।
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