भिक्षा नहीं शिक्षा दें: विदिशा में 20 दिवसीय बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान जारी।
बस स्टैंड से रेस्क्यू किए गए 8 बच्चे, कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशन में चल रहा है जागरूकता अभियान।
विदिशा,ग्रामीण खबर mp:
विदिशा जिले में बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा 20 दिवसीय जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा और सुरक्षा के दायरे में लाना है। इस दौरान "भिक्षा वृत्ति अभिषाप है" और "भिक्षा नहीं शिक्षा दें" जैसे संदेशों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता लोढा के मार्गदर्शन में आज विदिशा बस स्टैंड पर विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 18 वर्ष से कम उम्र के 7 बच्चों को भीख मांगते और 1 बच्चे को कचरा व पन्नी बीनते हुए पाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा तत्परता दिखाते हुए सभी 8 बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
समिति द्वारा 3 बच्चों को वन स्टॉप सेंटर में, 4 बच्चों को शिशु गृह में तथा 1 बच्चे को बरईपुरा बालक छात्रावास में अस्थायी रूप से रखा गया है। अब इन बच्चों के परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा, और बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलवाकर उनका पुर्नवास परिवारों में किया जाएगा।
ज्ञात हो कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 76 के अंतर्गत किसी भी बालक से भीख मंगवाने अथवा भीख मांगने के उद्देश्य से उसका उपयोग करने पर 5 वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता द्वारा संचालित यह अभियान समाज को एक सशक्त संदेश देता है कि बच्चों का भविष्य भीख में नहीं, बल्कि शिक्षा में है। प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित संस्थाओं की यह संयुक्त पहल सराहनीय है।
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विदिशा जिला ब्यूरो चीफ–यशवंत सिंह रघुवंशी
