नहर में पानी न मिलने से किसानों में आक्रोश, अधिकारियों का पुतला जलाया।

 नहर में पानी न मिलने से किसानों में आक्रोश, अधिकारियों का पुतला जलाया।

जल संकट से जूझ रहे किसान, प्रशासन को चेतावनी।

नटेरन, विदिशा:

संजय सागर बांध से निकलने वाली नहरों में पानी न पहुंचने के कारण नटेरन, सेऊ, रावण, खाई खेड़ा, खेराई सहित दर्जनभर गांवों के किसान संकट में हैं। खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर हैं, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बीते पांच दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।  

किसानों का आरोप है कि संजय सागर बांध के जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उनके लापरवाही भरे रवैये के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे उनकी मेहनत बर्बाद होने की कगार पर है। इस नाराजगी के चलते किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।  

  फसलें सूखने की कगार पर, किसान परेशान:

किसानों का कहना है कि नहर से पानी छोड़े हुए तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो सकी है। पानी की कमी के चलते खेतों में खड़ी फसलें पीली पड़ने लगी हैं और जल्द ही पूरी तरह सूखने की संभावना है। किसानों की मेहनत और लागत पर संकट मंडरा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से भी प्रभावित हो रहे हैं।  

एक किसान ने बताया कि यदि जल्द ही पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो उनकी पूरी फसल नष्ट हो जाएगी, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।  

तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, दोषी अधिकारियों को हटाने की मांग:

किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए, ताकि फसलों को बचाया जा सके। उन्होंने यह भी मांग की कि लापरवाह अधिकारियों को हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या न हो।  

किसानों का कहना है कि पानी के अभाव में खेती करना मुश्किल हो गया है और यदि समय पर जल आपूर्ति नहीं की गई तो वे और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।  

प्रशासन को चेतावनी, उग्र आंदोलन की दी धमकी: 

किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्या पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो वे बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।  

     जल संकट से जूझ रहे किसानों की गुहार:

किसानों की मांग है कि संजय सागर बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि हर साल उन्हें इस परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि खेती उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, और यदि समय पर पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो वे कर्ज और आर्थिक तंगी की चपेट में आ जाएंगे।  

किसानों का आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर क्यों हर साल किसान जल संकट से जूझने को मजबूर हैं? क्या नहर विभाग इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाएगा?


ग्रामीण खबर mp से विशेष संवाददाता हाकम सिंह रघुवंशी की रिपोर्ट।

Post a Comment

Previous Post Next Post