मेरे सपनों का भारत सेवा संकल्प अभियान में छात्राओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा।

 मेरे सपनों का भारत सेवा संकल्प अभियान में छात्राओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा।

झिंझरी जेल में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में आत्मनिर्भर,निर्भीक और निडर बेटियों के भारत का लिया संकल्प,समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी सम्मानित।

कटनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे “मेरे सपनों का भारत सेवा संकल्प” अभियान के अंतर्गत झिंझरी जेल परिसर में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय “मेरे सपनों का भारत” रखा गया, जिसमें छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मक प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीगणेश के दर्शन एवं पूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम झिंझरी जेल अधीक्षक प्रभात कुमार चतुर्वेदी एवं उप अधीक्षक अरविंद खरे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों की लगभग 26 से 30 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षिका दीप्ति श्रीवास्तव ने किया।

प्रतियोगिता में संदीपनी विद्यालय, शासकीय कन्या सिविल लाइन गणेश चौक विद्यालय तथा गुरुकुल विद्या मंदिर सहित विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने स्वच्छता एवं जनसेवा, विकसित भारत की संकल्पना, राष्ट्र निर्माण में सामाजिक सहभागिता और सामाजिक दायित्व जैसे विषयों पर अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से साकार किया। उनके चित्रों में ऐसे भारत की परिकल्पना दिखाई दी, जहां बेटियां आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ निर्भीक और निडर होकर अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।

इस अवसर पर समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां अपने जीवन पथ पर कोमल हो सकती हैं, लेकिन कमजोर कभी नहीं हो सकतीं। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का दृढ़संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में झिंझरी जेल अधीक्षक प्रभात कुमार चतुर्वेदी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया तथा प्रतियोगिता में सहभागी छात्राओं को मंच पर प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की कल्पनाओं में देश के भविष्य की तस्वीर दिखाई देती है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक दायित्व, राष्ट्रप्रेम और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों से उपस्थित गुरुजनों एवं प्राचार्यों ने भी आयोजन में अपना विशेष सहयोग प्रदान किया। प्राचार्य राजेंद्र पांडेय, शालिनी तिवारी एवं नीलम यादव को कार्यक्रम में उनके सराहनीय सहयोग के लिए आत्मीय रूप से सम्मानित किया गया।

आयोजन के माध्यम से छात्राओं ने अपने चित्रों के जरिए स्वच्छ, आत्मनिर्भर, विकसित और सशक्त भारत की कल्पना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बेटियों को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियों ने “मेरे सपनों का भारत” अभियान को सार्थकता प्रदान की। साथ ही उपस्थित लोगों ने ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लिया, जहां बेटियां समान अवसर प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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