अंतरवेद गनियारी में टूटा एलटी तार बना जानलेवा खतरा।

 अंतरवेद गनियारी में टूटा एलटी तार बना जानलेवा खतरा।

बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग नहीं ले रहा सुध,राजेश कुम्हार के घर पर गिरी अर्थ वाली तार से ग्रामीणों में दहशत,रिटर्न करंट की आशंका।

ढीमरखेड़ा। कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम अंतरवेद गनियारी में बिजली विभाग की लापरवाही और उदासीनता का मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार 14 अगस्त को शाम करीब 4:30 बजे एलटी विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर राजेश कुम्हार के घर पर जा गिरा। विद्युत तार टूटने की घटना से आसपास के क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए स्वयं को तार से दूर किया और किसी संभावित दुर्घटना को टालने का प्रयास किया। गनीमत रही कि घटना के समय कोई व्यक्ति तार की चपेट में नहीं आया और एक बड़ी जनहानि होने से बच गई।

ग्रामीणों के मुताबिक, तार टूटने के बाद जब लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी तो एलटी लाइन की अर्थ वाली तार टूटकर राजेश कुम्हार के मकान के ऊपर जा गिरी थी। विद्युत तार का इस तरह घर के ऊपर गिरना बेहद गंभीर स्थिति है, क्योंकि घर के आसपास परिवार के सदस्यों के साथ-साथ अन्य ग्रामीणों का भी आवागमन बना रहता है। ऐसे में किसी भी समय तार के संपर्क में आने से करंट लगने की गंभीर घटना हो सकती है।

घटना के तत्काल बाद ग्रामीणों ने संबंधित लाइनमैन हल्दकार को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने लाइनमैन को समस्या की जानकारी देकर जल्द से जल्द टूटी हुई तार को दुरुस्त कराने की मांग की थी, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। इसके बावजूद शिकायत के बाद भी अभी तक विद्युत तार का सुधार कार्य नहीं कराया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि वे लगातार संबंधित कर्मचारी को समस्या की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन कई बार सूचना देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिजली का तार टूटकर घर के ऊपर पड़ा होने के बावजूद सुधार कार्य में देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि बिजली विभाग को किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित दुर्घटना से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

सबसे गंभीर बात यह है कि टूटी हुई तार के कारण ग्रामीणों को रिटर्न करंट का खतरा भी सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत तार की स्थिति स्पष्ट रूप से चिंताजनक है और जब तक विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर लाइन की जांच तथा आवश्यक सुधार नहीं करते, तब तक खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता। यदि किसी व्यक्ति, बच्चे या पशु का अनजाने में तार से संपर्क हो जाता है तो गंभीर हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में विद्युत व्यवस्था को लेकर विभागीय स्तर पर पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती जा रही है। कई बार ग्रामीणों द्वारा बिजली से संबंधित समस्याओं की जानकारी जिम्मेदार कर्मचारियों को दी जाती है, लेकिन समय पर सुधार नहीं होने के कारण छोटी समस्या भी गंभीर खतरे में बदल जाती है। अंतरवेद गनियारी की यह घटना भी इसी तरह की लापरवाही का उदाहरण बनकर सामने आई है।

ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत विभाग की जिम्मेदारी केवल बिजली की आपूर्ति करना ही नहीं, बल्कि विद्युत लाइनों, खंभों और तारों को सुरक्षित स्थिति में बनाए रखना भी है। खासकर जहां तार टूटकर किसी घर के ऊपर गिर जाए, वहां तत्काल कार्रवाई किया जाना बेहद जरूरी है। ऐसी स्थिति में देरी करना लोगों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ साबित हो सकता है।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मौके पर विद्युत कर्मचारियों को भेजकर पहले विद्युत आपूर्ति की सुरक्षा जांच की जाए और इसके बाद टूटी हुई एलटी तार को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। साथ ही आसपास की विद्युत लाइनों की भी जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं अन्य तार भी जर्जर अथवा कमजोर स्थिति में तो नहीं हैं।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गांव की विद्युत लाइनों का निरीक्षण कराया जाए। जहां भी तार पुराने, ढीले अथवा क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें समय रहते बदला जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की थोड़ी सी तत्परता किसी बड़े हादसे को रोक सकती है।

इधर, टूटा हुआ तार घर के ऊपर पड़े रहने के कारण राजेश कुम्हार के परिवार सहित आसपास के लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बारिश के दौरान तार में करंट प्रवाहित हुआ या रिटर्न करंट की स्थिति बनी तो खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में ग्रामीण किसी अप्रिय घटना से पहले ही विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से विभाग को सूचना देने में कोई देरी नहीं की। इसके बावजूद यदि समय रहते तार का सुधार नहीं कराया गया और किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल भी ग्रामीणों द्वारा उठाया जा रहा है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे किसी अनहोनी का इंतजार नहीं करना चाहते और विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।

अब देखना यह है कि ग्रामीणों की बार-बार की शिकायत के बाद बिजली विभाग कब तक सक्रिय होता है और अंतरवेद गनियारी में राजेश कुम्हार के घर पर गिरी एलटी तार का सुधार कब तक कराया जाता है। फिलहाल टूटा हुआ विद्युत तार ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है और विभागीय कार्रवाई में हो रही देरी किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को और बढ़ा रही है।

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