विकासखंड रीठी के ग्राम जमुनिया में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ।
भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ ग्राम जमुनिया,वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री श्री 1008 श्री मुरारीदास ने सुनाया भागवत कथा का महत्व।
रीठी। जिला कटनी के विकासखंड रीठी अंतर्गत ग्राम जमुनिया में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा के आयोजन को लेकर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। कथा के शुभारंभ से पूर्व विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन किया गया। इसके पश्चात बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर गांव के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली।
कलश यात्रा के दौरान पूरा ग्राम भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों एवं भगवान के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा कलश यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा में महिलाओं के साथ ग्रामीणजन, युवा एवं बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
कलश यात्रा के कथा स्थल पर पहुंचने के पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री श्री 1008 श्री मुरारीदास ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महत्व से अवगत कराया।
कथा वाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, ज्ञान, सदाचार, संस्कार और सेवा की भावना से जोड़ती है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं उनके संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात कर मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब मनुष्य विभिन्न प्रकार की चिंताओं और व्यस्तताओं से घिरा हुआ है, ऐसे समय में धार्मिक आयोजनों और कथा श्रवण से मन को शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। श्रीमद्भागवत कथा समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करती है।
कथा के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चे श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ग्रामवासियों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन गांव के वातावरण को भक्तिमय बनाने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
आयोजन के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए श्रीमद्भागवत कथा, धार्मिक प्रसंगों एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा कथा को सफल एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने तथा धर्मलाभ लेने की अपील की है।


