एमपी में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार,धमकी और रंगदारी के मामलों में लगी लगाम।

 एमपी में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार,धमकी और रंगदारी के मामलों में लगी लगाम।

उद्योगपतियों और कारोबारियों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश नाकाम,कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के तार खंगाल रही जांच एजेंसियां।

भोपाल।मध्यप्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी, धमकी और फायरिंग के जरिए दहशत फैलाने की कोशिशों पर राज्य की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने बड़ा प्रहार किया है। पिछले कुछ महीनों के दौरान सामने आए मामलों की गहन जांच और लगातार की गई कार्रवाई के बाद प्रदेश में ऐसे मामलों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है। जांच एजेंसियों का दावा है कि गैंग से जुड़े नेटवर्क के कई सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

जानकारी के अनुसार वर्ष की शुरुआत में प्रदेश के विभिन्न शहरों से व्यापारियों, उद्योगपतियों और अन्य प्रभावशाली लोगों को धमकी भरे कॉल और संदेश मिलने की घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके करीबी माने जाने वाले हैरी बॉक्सर का नाम लेकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। कुछ मामलों में भय का माहौल बनाने के लिए फायरिंग जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया गया था।

मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने विशेष अभियान चलाया और प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी दबिश देकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि धमकी देने वाले केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं थे, बल्कि इनके तार उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा सहित अन्य राज्यों तक फैले हुए थे। कई आरोपी जेलों में बंद अपराधियों और उनके सहयोगियों के संपर्क में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।

जांच अधिकारियों के अनुसार अपराधियों द्वारा आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए लोगों को धमकाया जा रहा था। कई मामलों में विदेशों में बैठे अपराधियों और उनके सहयोगियों के नाम का इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर रंगदारी वसूलने की साजिश रची गई। इससे आम लोगों और व्यापारिक वर्ग के बीच भय का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया।

एसटीएफ की कार्रवाई के बाद प्रदेश में सक्रिय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां अब उन माध्यमों और संपर्क सूत्रों की पड़ताल कर रही हैं जिनके जरिए जेलों में बंद अपराधी बाहर बैठे अपने साथियों से संवाद स्थापित कर रहे थे। इसके लिए कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक धमकी देने के अधिकांश मामलों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके सहयोगी हैरी बॉक्सर का नाम सामने आया। इससे जांच एजेंसियों को नेटवर्क की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिली। अधिकारियों का मानना है कि कई मामलों में अपराधियों ने गैंग के नाम का उपयोग कर लोगों में भय पैदा करने की कोशिश की, जबकि वास्तविक संचालन अलग-अलग स्थानों से किया जा रहा था।

जांच एजेंसियां अब नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। हैरी बॉक्सर का नाम कई मामलों में सामने आने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और तेज करने की तैयारी की जा रही है। केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से उससे जुड़े मामलों की जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि नेटवर्क के शेष सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

प्रदेश के व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत ने एसटीएफ की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों की सक्रियता से लोगों में विश्वास बढ़ा है। कारोबारियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे संगठित अपराधी नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि प्रदेश में किसी भी आपराधिक गिरोह को भय और रंगदारी के माध्यम से अपना प्रभाव स्थापित करने का अवसर न मिले। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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