बीना शासकीय पीजी कॉलेज की प्राचार्य पर घर में घुसकर अभद्रता और धमकी देने के आरोप,पुलिस ने दर्ज किया मामला।
लिपिक और अतिथि विद्वान की शिकायत के बाद जांच शुरू,प्राचार्य ने सभी आरोपों को बताया निराधार।
सागर,ग्रामीण खबर MP।
सागर जिले के बीना स्थित शासकीय पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया विवादों में घिर गई हैं। कॉलेज की प्रभारी मुख्य लिपिक एवं एक अतिथि विद्वान द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्राचार्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धमकियां दीं तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। वहीं प्राचार्य ने सभी आरोपों को असत्य और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभारी मुख्य लिपिक अनीता रोहित ने थाना प्रभारी एवं एसडीओपी को दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने राजीव गांधी वार्ड में अतिथि विद्वान जितेन्द्र खांडेराव के साथ मिलकर मकान खरीदा है, जहां प्राचार्य कई बार पहुंचकर विवाद करती हैं।
महिला कर्मचारी का कहना है कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह अवकाश पर थीं और अस्पताल में उपचार करा रही थीं। इसी दौरान प्राचार्य उनके घर पहुंचीं और जबरन प्रवेश करने का प्रयास किया। विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौज की गई तथा झूठे मामलों में फंसाने और प्रशासनिक कार्रवाई कराने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें प्राचार्य की कथित अभद्र भाषा भी सुनाई दे रही है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्राचार्य उनके मकान पर कब्जा करना चाहती हैं। इसके लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है तथा गोपनीय चरित्रावली खराब करने और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझाने की धमकियां दी जा रही हैं। महिला कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के माध्यम से उनके घर की निगरानी कराई जा रही है तथा गुंडों के जरिए मकान खाली कराने की धमकी भी दी गई है। उन्होंने स्वयं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की है।
घटना के दौरान महिला कर्मचारी ने स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हुए पीछे के रास्ते से छोटी बजरिया पुलिस चौकी पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की।
इसी मामले में कॉलेज के अतिथि विद्वान जितेन्द्र खांडेराव ने भी अतिरिक्त संचालक को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि प्राचार्य द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि मकान खाली कराने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है तथा ऐसा नहीं करने पर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से झूठी शिकायतें करवाने की धमकी दी जाती है। उन्होंने स्वयं को असुरक्षित बताते हुए निष्पक्ष जांच, सुरक्षा तथा संबंधित प्राचार्य के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों, शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों, जिनमें सीसीटीवी फुटेज भी शामिल है, की विधिवत जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर प्राचार्य डॉ. रेखा बरेठिया ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह असत्य बताया है। उनका कहना है कि वह केवल आवश्यक शासकीय कार्य के सिलसिले में लिपिक के घर गई थीं क्योंकि उनका फोन नहीं उठ रहा था। उन्होंने कहा कि अतिथि विद्वान को कार्यालय में बैठने के बजाय अपने विभाग में जाकर अध्यापन कार्य करने के निर्देश दिए गए थे, जिससे नाराज होकर उनके विरुद्ध झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने किसी के साथ अभद्र व्यवहार किया है और न ही किसी पर मकान खाली कराने का दबाव बनाया है।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों एवं सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।यदि आप चाहें तो मैं इस समाचार के लिए एक आकर्षक फ्रंट पेज शैली का शीर्षक डिज़ाइन और यूट्यूब/फेसबुक थंबनेल बैनर भी तैयार कर सकता हूँ।
