रीवा जिला पंचायत के सीईओ पर विधायक अभय मिश्रा का बड़ा हमला,मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी।

 रीवा जिला पंचायत के सीईओ पर विधायक अभय मिश्रा का बड़ा हमला,मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी।

भ्रष्टाचार,कमीशनखोरी और एजेंटों के माध्यम से काम कराने के लगाए आरोप,प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार।

रीवा,ग्रामीण खबर MP।

रीवा जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया जब कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। विधायक ने सार्वजनिक रूप से सीईओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए और उन्हें लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिकायत करने की बात कही।

विधायक अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में विकास कार्यों के संचालन में पारदर्शिता का अभाव है तथा आम लोगों और जनप्रतिनिधियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में एक ऐसा अधिकारी कार्यरत है जिसकी कार्यशैली से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विधायक ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी केवल आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं और विकास कार्यों में अनियमितताएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जिला पंचायत सीईओ ने कथित तौर पर अपने एजेंट नियुक्त कर रखे हैं और उन्हीं के माध्यम से विभिन्न कार्यों का संचालन कराया जा रहा है। विधायक के अनुसार, हर स्तर पर कथित कमीशनखोरी का माहौल बना हुआ है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अभय मिश्रा ने कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से करेंगे तथा आवश्यक होने पर संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी मामला उठाएंगे। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

मामले के सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी भी शुरू हो गई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक जिला पंचायत सीईओ अथवा जिला प्रशासन की ओर से विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई थी।

गौरतलब है कि विधायक द्वारा लगाए गए आरोप उनकी ओर से व्यक्त किए गए दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और किसी सक्षम जांच एजेंसी द्वारा इन्हें प्रमाणित नहीं किया गया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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