संगीत और स्वरों की साधना को मिला सम्मान,अरविंद सरावगी हुए गौरवान्वित।

 संगीत और स्वरों की साधना को मिला सम्मान,अरविंद सरावगी हुए गौरवान्वित।

47 वर्षों से मंच संचालन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्र का नाम कर रहे हैं रोशन,कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने किया सम्मानित।

सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।

क्षेत्र के सुप्रसिद्ध मंच संचालक, साहित्य प्रेमी एवं ऑर्केस्ट्रा मंचों के कुशल सूत्रधार अरविंद सरावगी को उनकी उत्कृष्ट सांस्कृतिक सेवाओं, मधुर वाणी और मंच संचालन की विशिष्ट कला के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें लगभग 47 वर्षों से संगीत, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

आयोजित सम्मान समारोह में संत सियावल्लभ दास वेदांती महाराज, पूर्व विधायक नित्यनिरंजन खम्परिया, शिक्षाविद एवं समाजसेवी डॉ. अरुणा पांडे तथा वरिष्ठ साहित्यकार अश्वनी कुमार पाठक ने संयुक्त रूप से सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अरविंद सरावगी का अभिनंदन किया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने उनके दीर्घकालीन सांस्कृतिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, वाणी और समर्पण से मंच संचालन को एक नई पहचान प्रदान की है।

वक्ताओं ने कहा कि अरविंद सरावगी केवल एक मंच संचालक नहीं बल्कि संस्कृति और साहित्य के सशक्त संवाहक हैं। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति शैली, शालीन भाषा और श्रोताओं को बांधे रखने की अद्भुत क्षमता ने उन्हें क्षेत्र ही नहीं बल्कि प्रदेश और देश के विभिन्न मंचों पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनकी शायरी, साहित्यिक अभिव्यक्ति और मंच संचालन की कला आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

इस अवसर पर ढोलक वादन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले सपन कुमार तथा गिटार वादन में दक्ष विष्णु रैकवार को भी उनकी उत्कृष्ट कलात्मक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। अतिथियों ने दोनों कलाकारों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि संगीत और कला समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं तथा ऐसे कलाकार सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह के दौरान उपस्थित जनों ने अरविंद सरावगी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वे देश और विदेश में आयोजित अनेक सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति दे चुके हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर सिहोरा और आसपास के क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी मधुर वाणी, प्रभावशाली शैली और उत्कृष्ट शायरी को समारोह में विशेष रूप से सराहा गया।

कार्यक्रम के अंत में सम्मानित कलाकारों ने आयोजकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सम्मान कलाकारों को और अधिक समर्पण एवं उत्साह के साथ अपनी कला साधना जारी रखने की प्रेरणा देता है। समारोह का वातावरण सांस्कृतिक गौरव, सम्मान और उत्साह से परिपूर्ण रहा।

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