सड़क की मांग पर भड़का ग्रामीणों का आक्रोश,लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा का घेराव।

 सड़क की मांग पर भड़का ग्रामीणों का आक्रोश,लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा का घेराव।

नीमच जिले के बांगरेड़ गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण के दौरान सड़क निर्माण का मुद्दा बना विरोध का कारण,ग्रामीणों ने लगाए नारे।

नीमच,ग्रामीण खबर MP।

मध्य प्रदेश के नीमच जिले की जावद विधानसभा के अंतर्गत आने वाले बांगरेड़ गांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम उस समय विवाद और चर्चा का केंद्र बन गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने भाजपा विधायक ओमप्रकाश सखलेचा के समक्ष अपनी वर्षों पुरानी सड़क समस्या को लेकर विरोध दर्ज कराया। उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे विधायक को ग्रामीणों के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा, जिससे कार्यक्रम का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

जानकारी के अनुसार बांगरेड़ गांव में आयोजित लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की चर्चा चल रही थी, तभी ग्रामीणों ने खेडा बांगरेड़ और बांगरेड़ के बीच स्थित जर्जर सड़क का मुद्दा उठा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में मार्ग की हालत अत्यंत खराब हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने बताया कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल जाने तथा बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में गंभीर कठिनाइयां आती हैं। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान जैसे ही ग्रामीणों ने सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया, माहौल गर्माने लगा। देखते ही देखते लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की। कुछ ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। विरोध के कारण कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित भी हुआ।

घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों द्वारा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला क्षेत्रीय राजनीति और विकास कार्यों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग ग्रामीणों की समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में इन योजनाओं का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उनका मानना है कि यदि सड़क का निर्माण समय पर हो जाए तो क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं की स्थिति और विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न न हों।

फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।

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