कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन,शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार पर साधा निशाना।
अभिजीत दीपके बोले-“हकों की लड़ाई जारी रहेगी,सरकार हमारी मांगों पर ध्यान दे,भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली में जुटे समर्थक।
नई दिल्ली,ग्रामीण खबर MP।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की नीतियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थकों ने भाग लिया और विभिन्न मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं, छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो सरकार का दायित्व है कि वह उन मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे।
उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांगों में विभिन्न परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। दीपके ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र और युवा रोजगार तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित हैं और उन्हें न्याय की अपेक्षा है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अक्सर लोग पूछते हैं कि आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जुलूस निकालने से क्या हासिल होता है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलन इस बात का प्रतीक हैं कि समाज जीवित है और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी वर्ग की समस्याओं को अनदेखा किया जाता है, तब लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है।
दीपके ने कहा कि सरकार के लिए आंदोलनकारी चाहे कितने ही छोटे या महत्वहीन क्यों न दिखाई दें, लेकिन वे अपने अधिकारों और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया तथा कहा कि जनहित के मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। विभिन्न राज्यों से पहुंचे समर्थकों ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर गंभीर संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए तथा भर्ती प्रक्रियाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी आवाज को सुना जाए और संबंधित मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे लगातार राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। ऐसे में विभिन्न संगठनों द्वारा उठाई जा रही मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया पर आने वाले समय में भी लोगों की नजर बनी रहेगी। फिलहाल जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े प्रश्नों को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

