टॉफी का लालच देकर डेढ़ वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या,सीसीटीवी में कैद हुई हैवानियत से दहला शिकोहाबाद।
रिश्तेदार युवक पर मासूम आरव को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने और सुनसान गली में पटक-पटक कर हत्या करने का आरोप,पारिवारिक विवाद और एकतरफा लगाव के एंगल पर पुलिस की जांच तेज।
फिरोजाबाद,ग्रामीण खबर MP।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की कथित रूप से जिस बेरहमी के साथ हत्या की गई, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। आरोप है कि परिवार से परिचित एक युवक ने बच्चे को टॉफी दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और कुछ ही मिनटों के भीतर ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसकी कल्पना मात्र से लोगों की रूह कांप उठती है। घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक, आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार मृतक मासूम आरव अपनी मां रति के साथ पिछले कुछ समय से अपने ननिहाल पक्ष के लोगों के पास रह रहा था। बताया जा रहा है कि रति और उसके पति सुमित के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र को लेकर मायके पक्ष के साथ रह रही थी। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालने के लिए रति एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी।
शनिवार दोपहर लगभग दो बजे रति अपनी मां पिंकी और पुत्र आरव के साथ यादव कॉलोनी स्थित अपनी एक परिचित महिला के घर गई हुई थी। परिवार के लोगों के अनुसार इसी दौरान रिश्तेदारी में लगने वाला युवक विराज वहां पहुंचा। चूंकि वह परिवार का परिचित था, इसलिए उसके आने पर किसी को कोई संदेह नहीं हुआ। कुछ देर बातचीत के बाद उसने मासूम आरव को टॉफी दिलाने की बात कही और उसे अपने साथ बाहर ले गया।
परिजनों ने बताया कि उन्हें लगा कि बच्चा कुछ ही देर में वापस लौट आएगा, लेकिन समय बीतने के बाद भी जब आरव नहीं लौटा तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ने लगी। आसपास तलाश शुरू की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी युवक बच्चे को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी मासूम को कॉलोनी से कुछ दूरी पर स्थित एक सुनसान गली में ले गया। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर आरोप है कि वहां उसने मासूम के साथ अत्यंत क्रूर व्यवहार किया। कुछ ही देर बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में बच्चे को छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां रति की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में दिखाई दिए। जिस बच्चे की मासूम मुस्कान और किलकारियों से घर-आंगन गुलजार रहता था, उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फुटेज में आरोपी की गतिविधियां स्पष्ट दिखाई देने के बाद उसकी पहचान की गई और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गईं।
प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी युवक का बच्चे की मां के प्रति कथित रूप से एकतरफा लगाव था। जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि कहीं इसी मानसिकता के चलते आरोपी ने मासूम को निशाना बनाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम तो नहीं दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और सभी तथ्यों का वैज्ञानिक तथा कानूनी आधार पर परीक्षण किया जा रहा है।
घटना के बाद यादव कॉलोनी सहित पूरे शिकोहाबाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। लोगों ने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हैवानियत करने का साहस न कर सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर परिवार ने भरोसा किया, उसी ने विश्वास का कत्ल करते हुए एक मासूम की जान ले ली। लोगों के अनुसार यह घटना केवल एक हत्या नहीं बल्कि इंसानियत और सामाजिक विश्वास पर भी गंभीर प्रहार है।
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को मजबूत बनाने में जुटी हुई है।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि समाज में बढ़ती आपराधिक मानसिकता किस हद तक खतरनाक रूप ले सकती है। एक मासूम बच्चा, जिसे दुनिया और रिश्तों की समझ तक नहीं थी, कथित रूप से किसी की विकृत सोच का शिकार बन गया। यह घटना आने वाले समय में भी लंबे समय तक लोगों के मन में एक दर्दनाक स्मृति के रूप में बनी रहेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों की एक ही मांग है कि मासूम आरव को न्याय मिले और दोषी को ऐसा दंड दिया जाए जो समाज के लिए एक कड़ा संदेश साबित हो।यह संस्करण अखबार में प्रमुख समाचार, विशेष रिपोर्ट या प्रथम पृष्ठ के विस्तृत प्रकाशन के लिए उपयुक्त है।

