थाना उमरियापान पुलिस ने 95 वर्षीय वृद्ध को सकुशल घर पहुंचाकर पेश की मानवता की मिसाल।
डायल 112 की सतर्कता और पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली से भटके वृद्ध को मिला सहारा,जलपान कराकर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया,क्षेत्रभर में पुलिस की मानवीय पहल की हो रही सराहना।
उमरियापान,ग्रामीण खबर MP।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा समय-समय पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की रक्षा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किए जा रहे कार्य समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को और अधिक मजबूत बना रहे हैं। इसी क्रम में कटनी जिले के उमरियापान थाना पुलिस ने एक ऐसा कार्य किया है, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में प्रत्येक नागरिक की सबसे बड़ी सहयोगी भी है। थाना उमरियापान पुलिस द्वारा 95 वर्षीय एक वृद्ध को सुरक्षित उनके घर पहुंचाकर मानवता, संवेदनशीलता और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। पुलिस की इस सराहनीय पहल की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा की जा रही है तथा लोग इसे पुलिस के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक मान रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 28 जून 2026 को थाना उमरियापान पुलिस अपने नियमित गश्ती एवं कानून व्यवस्था संबंधी दायित्वों का निर्वहन कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक अत्यंत वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच हाथ में लाठी लेकर अकेले पैदल सड़क पर चलता हुआ अपने गांव की ओर जा रहा था। वृद्ध की उम्र लगभग 95 वर्ष थी और लगातार पैदल चलने के कारण वह पूरी तरह पसीने से लथपथ दिखाई दे रहा था। उसकी शारीरिक स्थिति को देखकर स्पष्ट प्रतीत हो रहा था कि वह अत्यधिक थका हुआ है और किसी भी समय उसकी तबीयत बिगड़ सकती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना उमरियापान पुलिस ने बिना किसी देरी के मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल डायल 112 वाहन को मौके पर बुलाया और अत्यंत सम्मान एवं आत्मीयता के साथ वृद्ध को वाहन में बैठाया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पहले जलपान कराया गया तथा आराम करने का अवसर दिया गया। पुलिसकर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि वृद्ध स्वयं को सुरक्षित और सहज महसूस करें। उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखा गया तथा पूरी संवेदनशीलता के साथ उनसे बातचीत की गई।
कुछ समय बाद जब वृद्ध सामान्य स्थिति में आए तो पुलिस ने उनसे उनका नाम और पता पूछा। वृद्ध ने अपना नाम रामचरण पिता धन्नी बर्मन निवासी ग्राम बरौदा बताया। जानकारी प्राप्त होने के बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए उन्हें सुरक्षित उनके गांव बरौदा पहुंचाने का निर्णय लिया। डायल 112 के माध्यम से पुलिस टीम वृद्ध को उनके घर लेकर पहुंची और परिजनों को सौंप दिया।
जब पुलिस ने परिवार के सदस्यों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि रामचरण पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं। उनकी बढ़ती उम्र के कारण स्मरण शक्ति भी कमजोर हो गई है और वह कई बार बिना किसी को बताए घर से निकल जाते हैं। परिवार के लोग लगातार उनकी चिंता में रहते हैं और उनकी तलाश करनी पड़ती है। इस बार भी उनके अचानक घर से चले जाने के कारण परिजन बेहद परेशान थे। पुलिस द्वारा उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाए जाने के बाद परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और थाना उमरियापान पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।
ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस वृद्ध की सहायता नहीं करती तो उनकी उम्र और मौसम की स्थिति को देखते हुए कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह व्यवहार समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करता है तथा यह संदेश देता है कि पुलिस हर परिस्थिति में आमजन के साथ खड़ी रहती है।
आज के समय में जब समाज में संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है, ऐसे में थाना उमरियापान पुलिस द्वारा किया गया यह कार्य अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। यह घटना बताती है कि पुलिस का वास्तविक दायित्व केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद, असहाय, वृद्ध, बीमार और संकट में फंसे लोगों की सहायता करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसी छोटी-छोटी मानवीय पहलें पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग और आत्मीयता के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक महेन्द्र जायसवाल के कुशल नेतृत्व में प्रधान आरक्षक आशीष झारिया तथा डायल 112 के पायलट इन्द्रराज पौराणिक ने अत्यंत संवेदनशीलता, तत्परता और सेवा भाव का परिचय दिया। उनकी सजगता और मानवीय सोच के कारण एक 95 वर्षीय वृद्ध सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सका। पुलिस टीम के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा मुक्तकंठ से प्रशंसा की जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की ऐसी मानवीय पहलें समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ पुलिस की जनहितैषी छवि को और अधिक सुदृढ़ करती हैं तथा नागरिकों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत बनाती हैं।

