ट्विशा शर्मा मौत मामला,पूर्व जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए,अदालत में सुनवाई के दौरान दिखा हाई-वोल्टेज ड्रामा।
सीबीआई रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किए गए दोनों आरोपी,तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच न्यायालय ने जेल भेजने का दिया आदेश।
भोपाल,ग्रामीण खबर MP।
प्रदेश के चर्चित और संवेदनशील ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब भोपाल की अदालत ने आरोपी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश सुनाया। सीबीआई रिमांड समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था, जहां सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में काफी गहमागहमी और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, अदालत कक्ष में मामले की सुनवाई शुरू होते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी कानूनी बहस का दौर शुरू हो गया। इस दौरान आरोप और प्रत्यारोप इतने बढ़ गए कि कुछ समय के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। अदालत कक्ष में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, पक्षकारों और अन्य लोगों की मौजूदगी के कारण स्थिति असामान्य नजर आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई और एक समय ऐसा भी आया जब हाथापाई जैसी स्थिति बनने की आशंका उत्पन्न हो गई। हालांकि न्यायालय परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी ने न्यायालय के समक्ष जांच की प्रगति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रस्तुत कीं। वहीं बचाव पक्ष की ओर से आरोपों को निराधार बताते हुए विभिन्न कानूनी तर्क रखे गए।
सुनवाई के दौरान सबसे अधिक चर्चा उस समय हुई जब पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्वयं अपने पक्ष में दलीलें रखने का प्रयास किया। अदालत में उनकी ओर से रखे गए तर्कों और विपक्षी पक्ष की दलीलों के बीच कई बार तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान अदालत कक्ष में मौजूद लोगों की नजरें लगातार कार्यवाही पर टिकी रहीं।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को निर्धारित अवधि तक जेल में रहना होगा और इस दौरान जांच एजेंसी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाएगी।
गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की मौत का मामला प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके परिजनों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ लिया जब विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला अधिकार समूहों और जनप्रतिनिधियों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी। सीबीआई द्वारा लगातार घटनास्थल का निरीक्षण, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। हाल ही में जांच एजेंसी ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण भी कराया था ताकि घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
इस पूरे मामले में अभी तक किसी भी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया गया है। न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा सभी साक्ष्यों, गवाहों और जांच रिपोर्टों के आधार पर सुनाया जाएगा। फिलहाल अदालत द्वारा दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है और आने वाले दिनों में सीबीआई की जांच तथा अदालत की आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुके इस प्रकरण में न्यायिक हिरासत के आदेश को जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी सुनवाई में जांच एजेंसी कौन से नए तथ्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत करती है और यह मामला आगे किस दिशा में बढ़ता है।

