ढीमरखेड़ा पुलिस की ग्राम चौपाल पहल बनी जन-जागरूकता का मजबूत माध्यम,ग्रामीणों को साइबर अपराध,महिला सुरक्षा और नशामुक्ति के प्रति किया जागरूक।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में थाना क्षेत्र के दर्जनों गांवों में चल रहा अभियान,ग्रामीणों से सीधा संवाद कर कानून-व्यवस्था और सामुदायिक पुलिसिंग को किया जा रहा मजबूत।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा ग्राम चौपालों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थाना ढीमरखेड़ा पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सामाजिक, कानूनी और सुरक्षा संबंधी विषयों के प्रति जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है तथा ग्रामीणों और पुलिस के बीच आपसी विश्वास और सहयोग भी मजबूत हो रहा है।
ग्राम चौपाल अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना, अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आमजन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। थाना प्रभारी अभिषेक चौबे एवं थाना स्टाफ द्वारा गांव-गांव पहुंचकर पंचायत भवनों, सार्वजनिक स्थलों एवं चौपाल स्थलों पर ग्रामीणों से संवाद किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
अब तक थाना क्षेत्र के कोठी, इटौली, बांध, ढीमरखेड़ा, सनकुई, मुरवारी, सिलाई, देवरी मारवाड़ी, पौड़ीखुर्द, सिमरिया, खमतरा और गूड़ा सहित कई गांवों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। प्रत्येक चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे तथा पुलिस अधिकारियों ने लोगों को वर्तमान समय में बढ़ रहे अपराधों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी विस्तार से दी। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं पुलिस अधिकारियों के समक्ष रखीं और पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
चौपालों में साइबर अपराध के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी, फर्जी बैंक कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड, एटीएम धोखाधड़ी तथा मोबाइल के माध्यम से होने वाले साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल्स अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी देते हुए किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर भी चौपालों में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। बाल सुरक्षा हेल्पलाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 1090 की जानकारी देते हुए किसी भी प्रकार की घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की गई। ग्रामीण महिलाओं ने भी चौपाल में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और सुरक्षा संबंधी विषयों पर चर्चा की।
इसके अतिरिक्त नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत अवैध शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है तथा युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए। गांवों में यदि कहीं अवैध शराब बिक्री या मादक पदार्थों का कारोबार होता है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी ग्रामीणों से की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात नियमों के पालन को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। चौपालों में लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग का महत्व समझाया गया तथा नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। ग्रामीणों को वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा शराब पीकर वाहन न चलाने की भी समझाइश दी गई।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने अफवाहों और भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील भी की। ग्रामीणों को बताया गया कि बिना सत्यापन किसी भी संदेश, वीडियो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर साझा न करें। अफवाहें समाज में अशांति और विवाद की स्थिति उत्पन्न कर सकती हैं, इसलिए सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना आवश्यक है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
ग्राम चौपालों के दौरान “डायल 112” आपातकालीन सेवा की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 पर दी जा सकती है। ग्रामीणों को “पुलिस मित्र” बनकर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि समाज में अपराधों की रोकथाम में आमजन की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
चौपालों में उपस्थित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में सीधे पहुंचकर लोगों को जागरूक करना अत्यंत सराहनीय कार्य है। इससे लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है तथा पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित होने चाहिए ताकि गांव स्तर पर अपराधों की रोकथाम और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा मिल सके।
थाना ढीमरखेड़ा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त समाज की स्थापना पुलिस और जनता के पारस्परिक सहयोग से ही संभव है। पुलिस प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह जन-जागरूकता अभियान आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा तथा थाना क्षेत्र के अन्य गांवों में भी चौपालों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।







