बरही में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज,अमन-चैन और खुशहाली की मांगी दुआ।
नगर की तीनों ईदगाहों और मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भारी भीड़,सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद,लोगों ने गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद।
बरही,ग्रामीण खबर MP।
नगर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह, श्रद्धा, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण के साथ मनाया गया। सुबह से ही नगर की विभिन्न ईदगाहों एवं मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने ईद की नमाज अदा कर देश, प्रदेश और नगर में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी। पर्व को लेकर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा पूरे नगर में त्योहार का उल्लासपूर्ण माहौल बना रहा।
नगर के स्टेशन रोड स्थित उस्मानिया ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय पर बड़ी संख्या में लोगों ने कतारबद्ध होकर ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की। वहीं कटनी रोड स्थित रजा ईदगाह एवं तैय्यब नगर ईदगाह में भी बड़ी अकीदत और अनुशासन के साथ नमाज संपन्न हुई। नमाज के दौरान सभी लोगों ने हाथ उठाकर मुल्क की तरक्की, सामाजिक एकता, भाईचारे और विश्व शांति की दुआ मांगी। ईदगाहों में धार्मिक वातावरण और आपसी प्रेम का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
स्टेशन रोड स्थित उस्मानिया ईदगाह में हाफिज इम्तियाज कादरी साहब ने नमाज अदा कराई तथा लोगों को ईद-उल-अजहा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए आपसी भाईचारे, इंसानियत, त्याग और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। कटनी रोड स्थित रजा ईदगाह में हाफिज शहजाद साहब ने नमाज अदा कराई, जबकि तैय्यब नगर ईदगाह में हाफिज साहब की मौजूदगी में नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नमाज के बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं।
ईद के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोग पारंपरिक परिधानों में नजर आए। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। नमाज के बाद लोग अपने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों के घर पहुंचे तथा एक-दूसरे को बधाई देकर आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर पर्व की खुशियां मनाईं। पूरे दिन नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
ईद-उल-अजहा के अवसर पर नगर परिषद बरही द्वारा ईदगाहों एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा सुबह से ही व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी गई ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। लोगों ने नगर परिषद द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की।
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। नगर की सभी प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। यातायात व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बरही थाना प्रभारी टीआई अरविन्द चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर की सभी ईदगाहों में ईद-उल-अजहा की नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई है तथा पूरे क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहा। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और सभी स्थानों पर लगातार निगरानी रखी गई। कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
नगरवासियों ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर सामाजिक एकता, प्रेम और भाईचारे का परिचय देते हुए पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर आपसी सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। ईद का यह पर्व नगर में प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देकर शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
ईद-उल-अजहा को लेकर नगर के बाजारों में भी दिनभर रौनक बनी रही। कपड़े, मिठाई, सेवइयां एवं अन्य जरूरी सामानों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। व्यापारियों ने भी त्योहार को लेकर विशेष तैयारियां की थीं। लोगों ने परिवार के साथ खरीदारी कर पर्व की खुशियों को दोगुना किया।
नगर के वरिष्ठ नागरिकों एवं समाजसेवियों ने भी लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज में एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं तथा लोगों को मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा देते हैं।
बरही नगर में ईद-उल-अजहा का पर्व जिस शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ, उसने सामाजिक एकता और सद्भाव की एक सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की। लोगों ने प्रेम और अपनत्व के साथ त्योहार मनाकर यह संदेश दिया कि सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर समाज में शांति और सौहार्द बनाए रख सकते हैं।

