कर्मयोगी पं.सत्येन्द्र पाठक की जयंती स्मरण उत्सव के रूप में मनाई गई।
संजय सत्येन्द्र पाठक ने जनता दरबार में सुनी समस्याएं,कहा चुनाव से पहले लेंगे जनता का जनादेश।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कर्मयोगी स्वर्गीय पंडित सत्येन्द्र पाठक की जन्म जयंती 7 अप्रैल को विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र एवं कटनी जिले में श्रद्धा, सम्मान और भावनात्मक वातावरण के साथ स्मरण उत्सव के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समर्थक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर उनके जनसेवा से जुड़े कार्यों को याद किया।
समाज के गरीब, पीड़ित और शोषित वर्ग के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पं. सत्येन्द्र पाठक को उनके कार्यों के कारण आज भी क्षेत्र में एक कर्मयोगी के रूप में याद किया जाता है। विशेष रूप से जरूरतमंद गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाना उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं रहीं, जिन्हें इस अवसर पर विस्तार से स्मरण किया गया।
पाठक वार्ड स्थित शांति निवास में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उनके सुपुत्र एवं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने सुबह 11 बजे अपने पूज्य पिता के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात परिवारजनों, समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भावुक बना रहा और उपस्थित लोगों ने पं. संत्येन्द्र पाठक के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें सच्चा जनसेवक बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पं. सत्येन्द्र पाठक ने अपने राजनीतिक जीवन में सदैव जनहित को प्राथमिकता दी और जनता के सुख-दुख में सहभागी बने रहे। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी लोगों के जीवन में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
इस अवसर पर आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। संजय सत्येन्द्र पाठक ने जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी समस्याएं रखीं। विधायक श्री पाठक ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित कराई। यह जनता दरबार दोपहर 5 बजे तक लगातार चलता रहा, जिसमें दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं।
जनता दरबार के दौरान यह भी देखने को मिला कि कई लोग केवल पं. सत्येन्द्र पाठक को श्रद्धांजलि देने और उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए भी पहुंचे थे। बुजुर्गों और महिलाओं ने विशेष रूप से उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को याद करते हुए कहा कि ऐसे जनसेवक विरले ही होते हैं, जो राजनीति से ऊपर उठकर समाज के लिए काम करते हैं।
इसी क्रम में शाम को बरगवां स्थित कटाए घाट मोड़ पर आरके मोटर्स के सामने प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन किया गया। शाम 6 बजे से शुरू हुए इस भंडारे में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया और प्रसादी ग्रहण की। पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मीडिया से चर्चा के दौरान संजय सत्येन्द्र पाठक ने बताया कि उनके पिता की स्मृति में जिला अस्पताल परिसर में एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होते ही इसे अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह अस्पताल भवन आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से लैस होगा, जिससे मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
राजनीतिक विषय पर अपनी बात रखते हुए संजय पाठक ने कहा कि वे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विजयराघवगढ़ क्षेत्र की जनता से अपने कार्यों का मूल्यांकन करवाएंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे स्वयं जनता के बीच जाकर यह जानने का प्रयास करेंगे कि एक जनसेवक के रूप में उनके कार्यों को जनता किस प्रकार देखती है और उनके प्रति जनता का क्या मत है।
उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी और इसका सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति इस प्रक्रिया को देख सके। उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन प्राप्त होता है तो वे अपने पद से इस्तीफा देने में भी संकोच नहीं करेंगे। उनके इस बयान को लेकर क्षेत्र की राजनीति में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
संपूर्ण आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त रही और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
स्मरण उत्सव के इस आयोजन ने एक बार फिर स्वर्गीय पंडित सत्येन्द्र पाठक के कर्मयोगी जीवन, उनके आदर्शों, जनसेवा के प्रति समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान को लोगों के बीच जीवंत कर दिया। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी लेकर आया।











