वैष्णव बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष,शर्मा प्रदेश सचिव व जोशी संभागीय अध्यक्ष नियुक्त।
अमरकंटक में हुई IFWJ की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में लिए गए निर्णय,कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा।
माचलपुर,ग्रामीण खबर MP।
भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (आईएफडब्ल्यूजे) द्वारा अमरकंटक में 28 एवं 29 मार्च को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। इस बैठक में देशभर से आए पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई और कई अहम निर्णय लिए गए। इसी क्रम में संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने के उद्देश्य से नई नियुक्तियों की घोषणा भी की गई।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने सारंगपुर के वरिष्ठ पत्रकार सत्यनारायण वैष्णव को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। सत्यनारायण वैष्णव लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति को संगठन में एक मजबूत नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश स्तर पर पत्रकारों की आवाज को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
इसी क्रम में माचलपुर के वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम शर्मा को प्रदेश सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। घनश्याम शर्मा अपने क्षेत्र में सक्रिय, सजग और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी और पत्रकार हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है। प्रदेश सचिव के रूप में वे संगठन की गतिविधियों को गति देने, समन्वय स्थापित करने और प्रदेशभर के पत्रकारों को एक मंच पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं नागेश जोशी को भोपाल संभागीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संभाग स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने, पत्रकारों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान कराने के साथ ही संगठन की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी। उनकी नियुक्ति से भोपाल संभाग में संगठन की सक्रियता और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन नियुक्तियों के बाद संगठन के पदाधिकारियों, जिले एवं प्रदेशभर के पत्रकारों तथा इष्ट मित्रों में उत्साह का माहौल देखा गया। सभी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा और पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कार्य करेगा।
बैठक के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने पत्रकारों की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और अधिकारों को लेकर गंभीर मंथन किया। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियों, मान्यता, बीमा, पेंशन एवं अन्य सुविधाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय कार्यसमिति की इस बैठक में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, गोवा, पंजाब, नागालैंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की परिस्थितियों और समस्याओं को साझा किया, जिससे एक व्यापक दृष्टिकोण सामने आया और संगठन को आगे की रणनीति बनाने में सहायता मिली।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए संगठन को जमीनी स्तर तक और अधिक सक्रिय किया जाएगा। इसके लिए जिला एवं संभाग स्तर पर इकाइयों को मजबूत करने, नए सदस्यों को जोड़ने और संगठनात्मक गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया।
साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि पत्रकारों के साथ होने वाले अन्याय, उत्पीड़न और हमलों के मामलों में संगठन एकजुट होकर आवाज उठाएगा और आवश्यक होने पर आंदोलनात्मक कदम भी उठाएगा। पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में ठोस पहल करने की बात भी कही गई।
अमरकंटक की इस बैठक ने न केवल संगठनात्मक रूप से नई ऊर्जा प्रदान की, बल्कि देशभर के पत्रकारों को एक साझा मंच पर लाकर उनके मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा और पत्रकारों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य करेंगे।




