ढीमरखेड़ा क्षेत्र में कलेक्टर आशीष तिवारी का औचक निरीक्षण,3 किमी पैदल चलकर अमृत सरोवर पहुंचे।
गांव-गांव पहुंचकर परखी योजनाओं की हकीकत,नलजल,स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि नवाचार पर दिया विशेष जोर।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
जिले में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से कलेक्टर आशीष तिवारी ने बुधवार को ढीमरखेड़ा क्षेत्र के कई गांवों का व्यापक औचक निरीक्षण किया। उन्होंने भनपुरा, हरदी, उमरियापान, टोपी, महनेर और दियागढ़ सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में पहुंचकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का स्थल पर जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाएं तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हों।
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहलू तब सामने आया जब कलेक्टर ने भनपुराकला के बनिया नाला में निर्माणाधीन अमृत सरोवर का निरीक्षण करने के लिए चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी के बावजूद लगभग 3 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़, पथरीले और पहाड़ी रास्ते को पैदल तय किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्राम पंचायत घुघरा के ग्राम टोपी में कलेक्टर की उपस्थिति में नलजल योजना को विधिवत पंचायत को हस्तांतरित किया गया। इस दौरान उन्होंने ग्राम हरदी में घर-घर जाकर नल कनेक्शन की स्थिति का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सभी 98 घरों में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है। इस पर कलेक्टर ने संतोष व्यक्त करते हुए पीएचई विभाग को निर्देशित किया कि नलजल योजना का शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने सरपंच और सचिव को जल कर की नियमित वसूली करने के निर्देश दिए, जिससे बिजली बिल का समय पर भुगतान हो सके और जल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे।
कलेक्टर ने हरदी गांव में लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल भ्रमण करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, जनगणना के लिए मकानों की नंबरिंग, आयुष्मान कार्ड निर्माण और फार्मर आईडी की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उमरियापान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने प्रसूति वार्ड, ओपीडी, एक्स-रे कक्ष, जनरल वार्ड, ड्रेसिंग रूम और आईपीडी सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार की स्थिति जानी, जिस पर व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। कलेक्टर ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सर्वाइकल कैंसर के एचपीवी टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जाए। पोषण पुनर्वास केंद्र में सात बच्चों की भर्ती पाई गई, जिस पर उन्होंने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड निर्माण की गति तेज करने के लिए भी निर्देशित किया।
महनेर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं और हाई-रिस्क श्रेणी की महिलाओं की जानकारी ली। उन्होंने एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने स्वयं पोर्टल में दर्ज आंकड़ों का अवलोकन कर वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया।
उमरियापान तहसील कार्यालय और लोक सेवा केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से सीमांकन प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। तहसील भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान रास्ते में बेतरतीब पड़े कचरे को देखकर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा निपटान के लिए आबादी से बाहर उचित स्थान चिन्हित कर व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
दियागढ़ गांव में कलेक्टर ने किसान जगपति सिंह के खेत पहुंचकर अश्वगंधा और चिया की खेती का निरीक्षण किया। सीमित भूमि में की जा रही इस नवाचारपूर्ण खेती को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया। किसान ने बताया कि चिया की फसल 18 से 20 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिकती है और 4 से 5 क्विंटल उत्पादन की संभावना है, जिससे अच्छी आय प्राप्त हो सकती है। कलेक्टर ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसी लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस पूरे निरीक्षण के दौरान एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि सिंह गोहल, पर्यावरणविद निर्भय सिंह, तहसीलदार नितिन पटेल, जनपद पंचायत के सीईओ यजुवेंद्र कोरी, पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी और मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर का यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण बना, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझने और सुधार के लिए प्रभावी पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।








