जन सरोकारों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बनें अधिकारी-कलेक्टर आशीष तिवारी।
गैस सिलेंडर की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश,पेयजल संकटग्रस्त गांवों में टैंकर से पानी पहुंचाने के निर्देश,समय-सीमा बैठक में विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे जन सरोकारों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बनते हुए नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल तैयार करें। साथ ही सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए रसोई गैस सिलेंडर की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों, विक्रेताओं और गोदामों का औचक निरीक्षण किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर तिवारी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार और अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निराकरण के लिए अधिकारी विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। कहीं भी हैंडपंप खराब होने की सूचना मिलते ही तत्काल सुधार कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जिन गांवों में पेयजल संकट की संभावना हो, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा करें। एजेंसियों और गोदामों की जांच कर वास्तविक स्टॉक और बुकिंग की जानकारी लें। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन दिनों में कितने सिलेंडरों की होम डिलीवरी हुई है, इसकी जानकारी भी ली जाए और उपभोक्ताओं से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनसे अधिक मूल्य तो नहीं लिया जा रहा तथा होम डिलीवरी समय पर हो रही है या नहीं।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि यदि कहीं एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था में अनियमितता, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में उन्होंने सभी विभागों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले बकाया बिजली बिल का भुगतान करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम में सेवा प्रभार जमा करने और 18 से 20 मार्च के बीच सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को अपने देयक कोषालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि बजट लैप्स होने से पहले उनका भुगतान किया जा सके।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यानिकी, उद्योग, खनिज, स्कूल शिक्षा, सहकारिता, कृषि, लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, पीएचई, जल संसाधन, अनुसूचित जाति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, सामाजिक न्याय, ऊर्जा, परिवहन, खाद्य और वित्त विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने को कहा।
राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने तहसीलवार लंबित शिकायतों की जानकारी ली और तहसील विजयराघवगढ़ में 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और जननी सुरक्षा योजना से जुड़ी शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया।
बैठक में जनगणना की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने तहसीलदारों को प्रगणक नियुक्त करने और ऑनलाइन नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत सचिव, पटवारी और ग्राम रोजगार सहायकों को घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का कार्य करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि हाउस लिस्टिंग के साथ समग्र ई-केवाईसी, फार्मर रजिस्ट्र्री, फौती, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े कार्य भी पूरे किए जाएं।
कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले विकासखंड स्तरीय शिविरों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों और एसडीएम को इन शिविरों में अनिवार्य रूप से शामिल होने तथा जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व और स्वास्थ्य विभाग को अभियान के अंतर्गत आवेदनों की संख्या बढ़ाने तथा नगर परिषद के सीएमओ को पेयजल से जुड़ी शिकायतों को पोर्टल पर दर्ज कराने की हिदायत दी।
स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नगरीय निकायों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने उद्यानिकी विभाग को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया तेज करने तथा उद्योग विभाग को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी एसडीएम, उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, आरटीओ संतोष पाल, सहायक आयुक्त आदिम जाति विमल चौरसिया, उपसंचालक पशुपालन डॉ. आर. के. सोनी, एलडीएम मेजरस किंडो, सहायक संचालक मत्स्योद्योग आशीष नायक, जिला रोजगार अधिकारी डी. के. पासी, सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, जिला पंजीयक पंकज कोरी, जिला पेंशन अधिकारी नीतू गुप्ता, सिविल सर्जन यशवंत वर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी, लोकसेवा के जिला प्रबंधक दिनेश विश्वकर्मा, उपसंचालक कृषि अरुणिमा सेन अयंगर सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
