बच्चन नायक वृद्धाश्रम धाम में बुजुर्ग मातृशक्तियों का आत्मीय सम्मान,महिला सशक्तिकरण दिवस पर हुआ भव्य कार्यक्रम।
समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में रोली तिलक,पगड़ी और मोतियों की माला पहनाकर किया सम्मानित,रंगोत्सव के साथ मनाया होली मिलन समारोह।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण दिवस के अवसर पर कटनी जिले के झिंझरी जेल के पास स्थित स्वर्गीय बच्चन नायक वृद्धाश्रम धाम में निवासरत बुजुर्ग मातृशक्तियों के सम्मान में एक आत्मीय एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशेष मानव अधिकार परिषद एवं सर्वधर्म जनसेवा मंच समिति मध्यप्रदेश, कटनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बुजुर्ग महिलाओं को सम्मानित कर उनके जीवन अनुभवों और योगदान को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने किया, जिनकी पहल पर यह सम्मान समारोह और होली मिलन रंगोत्सव आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण से हुई। मंचासीन अतिथियों ने मां सरस्वती का आवाहन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और समाज में महिलाओं की गरिमा तथा उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद अधिवक्ता शिखा पांडेय ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा से सभी को अवगत कराया।
समारोह का मुख्य आकर्षण वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्ग मातृशक्तियों का सम्मान रहा। इस दौरान समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी तथा अधिवक्ता पूनम रैदास द्वारा सभी बुजुर्ग महिलाओं को रोली तिलक लगाकर, पगड़ी पहनाकर और मोतियों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित की गई मातृशक्तियों के चेहरों पर खुशी और संतोष के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। उपस्थित अतिथियों ने भी बुजुर्ग महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद और अनुभव समाज के लिए अमूल्य धरोहर है।
कार्यक्रम में मानव अधिकार परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें हर दिन समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना किसी भी समाज की प्रगति संभव नहीं है।
समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि बेटियों और महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए। जब महिलाएं सशक्त होंगी तब ही समाज और देश की उन्नति संभव होगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को संस्कार, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि वे समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं संघर्ष, समर्पण और संवेदनशीलता का अद्भुत उदाहरण होती हैं। उनका त्याग, प्रेम और समर्पण परिवार और समाज को मजबूत बनाता है। महिलाएं कोमलता और शक्ति का अद्वितीय संगम हैं, जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग मातृशक्तियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में बुजुर्गों के सम्मान और आत्मीयता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग बुजुर्गों के प्रति सम्मान और स्नेह का भाव रखते हैं, तब समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है।
कार्यक्रम के अंत में मानवाधिकार परिषद कटनी के जिला महामंत्री दिलीप कोटक ने सभी अतिथियों, समाजसेवियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा, सम्मान और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और सेवा कार्यों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
समारोह के समापन अवसर पर सभी अतिथियों और उपस्थितजनों ने एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली मिलन और रंगोत्सव मनाया। नृत्य, गीत और हंसी-खुशी के वातावरण में सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और समाज में भाईचारे, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने बुजुर्ग मातृशक्तियों के साथ समय बिताया और उनके मंगलमय, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया प्रभारी सपना भूमि रैदास, मानवाधिकार परिषद युवा शक्ति के जिला अध्यक्ष तरुण गुप्ता, पी.सी. सोनी, राम सखी, सावित्रीबाई, शांति सचदेवा, दीपा विश्वकर्मा, शीला कुमारी, ममता ताम्रकार, शकुन यादव, गीता मिश्रा, शकुन्तला खरे, अब्दुल समद, गोपाल खटीक, अनिरुद्ध पटेल, पृथ्वीराज सचदेवा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की महत्वपूर्ण उपस्थिति और सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने इस प्रकार के आयोजनों को समाज में प्रेरणा देने वाला बताते हुए इसकी सराहना की।







