परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर रोक और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग।

 परीक्षाओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर रोक और निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन बहोरीबंद ने विद्यार्थियों के हित में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन।

बहोरीबंद,ग्रामीण खबर MP।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, बहोरीबंद (जिला कटनी) के तत्वावधान में शुक्रवार को विद्यार्थियों की आगामी बोर्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए अनुविभागीय अधिकारी, बहोरीबंद को एक महत्वपूर्ण एवं जनहित से जुड़ा ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से कक्षा 10वीं, 12वीं, 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाओं के दौरान क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने तथा विद्यार्थियों को सुचारू रूप से अध्ययन एवं परीक्षा देने हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश, भोपाल एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आगामी 10 फरवरी से कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। यह समय विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण, निर्णायक एवं संवेदनशील चरण होता है, जिसमें थोड़ी सी भी अव्यवस्था उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को शांत, अनुशासित, तनावमुक्त एवं अनुकूल वातावरण की विशेष आवश्यकता होती है।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि वर्तमान में क्षेत्र में सार्वजनिक एवं निजी आयोजनों, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों, डीजे, लाउडस्पीकर, माइक सिस्टम एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग के कारण अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। इससे न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का मानसिक संतुलन भी बिगड़ रहा है। शोरगुल के कारण विद्यार्थी एकाग्रता के साथ अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके परीक्षा परिणामों पर पड़ सकता है।

इसके साथ ही ज्ञापन में यह भी बताया गया कि परीक्षा अवधि के दौरान बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या लगातार सामने आ रही है। अचानक बिजली गुल हो जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई, ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, रिवीजन एवं रात्रिकालीन अध्ययन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो सीमित संसाधनों के बीच केवल विद्युत व्यवस्था पर निर्भर रहकर अध्ययन करते हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति में व्यवधान उनके लिए अतिरिक्त मानसिक दबाव उत्पन्न कर रहा है।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि परीक्षा अवधि समाप्त होने तक क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। विशेष रूप से विद्यालयों, परीक्षा केंद्रों एवं आवासीय क्षेत्रों के आसपास साइलेंट जोन का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को शांत वातावरण उपलब्ध हो सके। साथ ही धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य आयोजनों के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि परीक्षा अवधि के दौरान विद्युत विभाग को विशेष निर्देश जारी कर निर्बाध एवं नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसी भी आकस्मिक समस्या की स्थिति में त्वरित समाधान की व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागों द्वारा नियमित निगरानी एवं निरीक्षण की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की गई, जिससे नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा हुआ है। परीक्षा के समय उन्हें शांत एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना समाज और प्रशासन दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि इस दिशा में समय रहते ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो इससे हजारों विद्यार्थियों को मानसिक राहत मिलेगी और वे बेहतर ढंग से अपनी परीक्षाएं दे सकेंगे।

इस अवसर पर डॉ. नारायण पटेल, पूर्णेश गर्ग, अनिल यादव, शर्मन बर्मन सहित प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को सर्वोपरि बताते हुए प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

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