बागेश्वर धाम में दीवार ढहने से बड़ा हादसा, महिला श्रद्धालु की मौत, 10 घायल।
तेज बारिश के बीच धर्मशाला की दीवार गिरी, श्रद्धालुओं में भगदड़, प्रशासन ने जांच बैठाई।
छतरपुर,ग्रामीण खबर mp:
प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की श्रद्धा को गहरे सदमे में बदल दिया। धाम परिसर के पास स्थित एक ढाबे की धर्मशाला की दीवार भारी बारिश के बीच गिर गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना सुबह लगभग 3:30 बजे की है, जब श्रद्धालु विश्राम कर रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया। हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की निवासी 40 वर्षीय अनिता देवी के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए बागेश्वर धाम आई थीं।
धार्मिक स्थल के पास भारी बारिश के कारण ढाबे की धर्मशाला की पुरानी दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंचे और मलवे में दबे श्रद्धालुओं को निकाला। घायल श्रद्धालुओं में से कुछ की स्थिति गंभीर बताई गई है, जिन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. गुप्ता ने जानकारी दी कि सभी घायलों को तत्काल इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश घायलों को सिर, पीठ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी में जुटी है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था की गई है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
उधर, प्रशासन ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। तहसीलदार, जनपद सीईओ और नगर पालिका के अधिकारियों को जर्जर भवनों की सूची तैयार करने और उन्हें तुरंत खाली कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतक महिला की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे भीड़ से बचें और यदि संभव हो तो घर से ही ऑनलाइन दर्शन करें। उन्होंने कहा कि धाम की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वयंसेवकों और प्रशासन के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
धाम में मौजूद श्रद्धालुओं ने घटना को लेकर चिंता जताई। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि दर्शन के लिए आए थे, लेकिन हादसे ने भय का माहौल पैदा कर दिया है। एक अन्य श्रद्धालु ने प्रशासन से अपील की कि ठहरने के स्थानों की नियमित जांच होनी चाहिए और असुरक्षित ढांचों को पहले ही हटा देना चाहिए।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। कई श्रद्धालुओं ने घबराकर अपने ठहराव स्थलों को छोड़ दिया और घर लौटने की तैयारी करने लगे। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने घायलों की मदद में तत्परता दिखाई, जिसकी प्रशंसा की जा रही है।
कुछ दिन पूर्व ही बागेश्वर धाम में एक और हादसा हुआ था, जब टेंट गिरने से एक श्रद्धालु की जान चली गई थी। लगातार हो रहे हादसों से सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है।
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे क्षेत्र की संरचनात्मक समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। जिला कलेक्टर ने कहा है कि क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा, रैन बसेरा और व्यवस्था संबंधी उपाय जल्द लागू किए जाएंगे।
बागेश्वर धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु देशभर से दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यह हादसा एक चेतावनी है कि तीर्थस्थलों पर भीड़ प्रबंधन और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
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