जिला अधिवक्ता संघ परिसर में सरोजनी नायडू जयंती पर गोमती बाई चौधरी का आत्मीय सम्मान।
कटनी,मध्यप्रदेश:
भारत की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजनी नायडू की जयंती के अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी की विशेष पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायालय परिसर में उपस्थित बुजुर्ग मातृशक्ति गोमती बाई चौधरी का आत्मीय भव्य सम्मान किया गया।
सरोजनी नायडू की जीवनी पर विचार गोष्ठी
कार्यक्रम का शुभारंभ मां जगदम्बा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष संतु परौहा, अधिवक्ता एस.के. चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य मांडवी पांडेय, कोषाध्यक्ष निर्मल दुबे, जूनियर अधिवक्ता शिखा पांडेय सहित अन्य अधिवक्ताओं की उपस्थिति में यह आयोजन संपन्न हुआ।
बुजुर्ग मातृशक्ति गोमती बाई चौधरी का सम्मान
कार्यक्रम में बुजुर्ग मातृशक्ति गोमती बाई चौधरी को रोली तिलक और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ उपाध्यक्ष संतु परौहा ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि सरोजनी नायडू की जयंती पर उनके जीवन से प्रेरणा लेने हेतु यह आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि मात्र 12 वर्ष की आयु में सरोजनी नायडू ने अपनी कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध किया और उन्हें कोकिला कवियत्री की उपाधि प्राप्त हुई।
सरोजनी नायडू का योगदान
कोषाध्यक्ष निर्मल दुबे ने सरोजनी नायडू के जीवनकाल की रोचक व प्रेरणादायक बातें साझा करते हुए बताया कि वह एक शिक्षिका के रूप में कार्यरत रहते हुए मानवता, जनहित और सामाजिक विकास के लिए कार्य करती रहीं। महात्मा गांधी के साथ मिलकर उन्होंने कई आंदोलनों में भाग लिया और समाज में बदलाव लाने का कार्य किया।
काव्य पाठ और सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी व अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने किया। अधिवक्ता शेख महमूद खान ने काव्य पाठ कर नारी सम्मान का संदेश दिया। इस आयोजन में जूनियर अधिवक्ता रीनू पटेल, प्रियाशी सैन, रेवती हल्दकार, बबीता महोबिया, सावन सिंह, कैलाश कुशवाहा, मीडिया प्रभारी विकास कनौजिया सहित अन्य गणमान्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।




