कटनी में “सेफ क्लिक 2.0” अभियान तेज,बाजारों और धार्मिक स्थलों तक पहुंची साइबर सुरक्षा की मुहिम।
जिलेभर में पुलिस ने ग्रामीणों,व्यापारियों,श्रद्धालुओं और युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के दिए व्यावहारिक सुझाव,हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक कटनी के मार्गदर्शन में जिलेभर में “सेफ क्लिक 2.0” साइबर सुरक्षा एवं जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार को विभिन्न थाना क्षेत्रों, चौकियों, ग्राम बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क बनाना तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करना रहा।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों, व्यापारियों, युवाओं, श्रद्धालुओं, राहगीरों तथा आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों की जानकारी दी। साथ ही यह समझाया गया कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर अधिकांश साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
इसी क्रम में थाना बरही की खितौली चौकी क्षेत्र में एसडीओपी विजयराघवगढ़ वीरेन्द्र धार्वे ने बाजार क्षेत्र में पहुंचकर नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों को ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने, किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आने तथा संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की।
थाना माधवनगर पुलिस द्वारा ग्राम इमलिया के हाट बाजार में ग्रामीणों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के उपायों तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई। इसके साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए जहरीले जंतुओं एवं सर्पदंश से बचाव के संबंध में भी आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया।
थाना एनकेजे पुलिस ने ग्राम सरस्वही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को फर्जी कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, ओटीपी शेयरिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा अन्य साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी। वहीं दुर्गा चौक मंदिर परिसर में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में सेफ क्लिक 2.0 अभियान, साइबर अपराधों की रोकथाम, राहवीर योजना तथा सर्पदंश से होने वाली घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने ग्राम पड़वार के साप्ताहिक बाजार, उमरियापान बाजार तथा ग्राम बचैया बाजार में अलग-अलग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए तथा बैनर, पोस्टर और पम्पलेट के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
थाना ढीमरखेड़ा पुलिस ने ग्राम पिण्डरई बाजार में लोगों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले हथकंडों की जानकारी देते हुए अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक तथा ओटीपी किसी से साझा न करने की सलाह दी। साथ ही ऑनलाइन ठगी होने की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।
थाना कुठला पुलिस ने पुरैनी स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को डिजिटल भुगतान, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया। वहीं थाना कोतवाली पुलिस द्वारा दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, कमानिया गेट परिसर तथा सिटी मॉल में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों के नए तरीकों की जानकारी देते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, लॉटरी का झांसा देकर ठगी, बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी, लोन दिलाने के नाम पर ठगी, सेना अथवा पुलिस अधिकारी बनकर की जाने वाली धोखाधड़ी, फोनपे एवं गूगल पे के माध्यम से होने वाले फ्रॉड, बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी तथा व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किए जाने जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को यह भी समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
कटनी पुलिस ने अभियान के माध्यम से जिलेवासियों से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का सामना करना पड़े तो बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा निकटतम पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करें। पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाकर उन्हें डिजिटल अपराधों से सुरक्षित रखना है।

