मंत्री बनने की अटकलों के बीच विधायक रीति पाठक का बड़ा बयान,कहा भ्रामक खबरों पर न दें ध्यान।
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया पर दी सफाई, बोलीं-मैं भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता हूं,पार्टी का हर निर्णय सर्वोपरि।
सीधी,ग्रामीण खबर MP।
मध्य प्रदेश में लंबे समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच सीधी विधानसभा क्षेत्र की विधायक रीति पाठक का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और राजनीतिक हलकों में उनके मंत्री बनाए जाने को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। इन चर्चाओं के बीच रीति पाठक ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
रीति पाठक ने अपने संदेश में कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी की एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी की विचारधारा तथा संगठन के प्रति पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें मंत्री बनाए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और पार्टी का जो भी निर्णय होगा, वह उन्हें पूर्ण रूप से स्वीकार होगा।
रीति पाठक के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर इसे मंत्री पद की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरकार अथवा भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक किसी भी नाम को लेकर की जा रही चर्चा केवल अटकलें ही मानी जाएंगी।
प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से अलग-अलग नामों की चर्चा हो रही है। विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई विधायकों के नाम संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल किए जा रहे हैं। इन्हीं चर्चाओं में रीति पाठक का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था। हालांकि अब उनके स्वयं के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अभी तक उन्हें मंत्री बनाए जाने संबंधी कोई अधिकृत सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा में संगठनात्मक अनुशासन को विशेष महत्व दिया जाता है और मंत्री पद सहित सभी महत्वपूर्ण निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा तय किए जाते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को आधिकारिक नहीं माना जा सकता।
फिलहाल रीति पाठक के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मंत्री बनाए जाने संबंधी चल रही चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और भाजपा नेतृत्व पर टिकी हैं कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो किन-किन विधायकों को उसमें स्थान मिलता है। तब तक इस विषय में सामने आने वाली सभी चर्चाओं और दावों को केवल अटकलों के रूप में ही देखा जाना उचित होगा।

