पीपल वाला मित्र मंडली ने वृद्धाश्रम में बिताए आत्मीय पल,वरिष्ठजनों का किया सम्मान।
वरिष्ठ पत्रकारों एवं समाजसेवियों ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के साथ किया स्नेहपूर्ण संवाद,भोजन और सम्मान कार्यक्रम।
सिहोरा,ग्रामीण खबर MP।
समाज में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, सेवा और संवेदनशीलता का भाव जागृत करने की दिशा में पीपल वाला मित्र मंडली द्वारा एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं भावनात्मक पहल की गई। मंडली के सदस्यों ने शहर के वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां निवासरत वरिष्ठजनों के साथ समय व्यतीत किया, उनका सम्मान किया तथा उनके साथ आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विनोद यादव, शरद समैया, राजेश जैन (कल्लू), सिद्धांत पाठक सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। सभी ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उनके जीवन अनुभवों को बड़े ध्यान और सम्मान के साथ सुना। वरिष्ठजनों ने भी अपने जीवन के संघर्ष, अनुभव और प्रेरणादायी प्रसंग साझा किए, जिन्होंने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के साथ स्नेहपूर्ण संवाद का वातावरण बना रहा। मंडली के सदस्यों ने कहा कि समाज की नींव उन वरिष्ठजनों के अनुभवों और संस्कारों पर टिकी हुई है जिन्होंने अपने पूरे जीवन में परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनका सम्मान और देखभाल करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
वृद्धाश्रम में आयोजित इस आत्मीय मिलन के दौरान सभी ने वरिष्ठजनों के साथ बैठकर भोजन भी किया। इस अवसर पर बुजुर्गों के चेहरों पर दिखाई दी प्रसन्नता और संतोष ने पूरे वातावरण को भावुक एवं सकारात्मक बना दिया। उपस्थित लोगों ने महसूस किया कि वरिष्ठजनों के साथ कुछ पल बिताना केवल सेवा का कार्य नहीं, बल्कि स्वयं के लिए भी एक सीख और प्रेरणा का स्रोत है।
मंडली के सदस्यों ने कहा कि जीवन में कुछ अवसर ऐसे होते हैं जो अनायास प्राप्त हो जाते हैं, लेकिन उनकी स्मृतियां लंबे समय तक हृदय में जीवंत रहती हैं। वृद्धाश्रम में बिताया गया यह समय भी ऐसे ही अविस्मरणीय और प्रेरणादायक क्षणों में शामिल हो गया है। वरिष्ठजनों के स्नेह, आशीर्वाद और अनुभवों ने सभी को भावनात्मक रूप से समृद्ध किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सके।
यह आयोजन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों, संवेदनाओं और पीढ़ियों के बीच आत्मीय संबंधों को सुदृढ़ करने का एक सुंदर प्रयास बनकर सामने आया, जिसकी मधुर स्मृतियां लंबे समय तक सभी के मन में बनी रहेंगी।

