ढीमरखेड़ा पुलिस का बड़ा प्रहार,250 पाव अवैध शराब और मोटरसाइकिल सहित दो तस्कर गिरफ्तार।
कटनी पुलिस की सख्त कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप,पन्ना और सतना के दो आरोपी आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार।
ढीमरखेड़ा,ग्रामीण खबर MP।
कटनी जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिले के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व में अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ढीमरखेड़ा पुलिस ने एक बड़ी सफलता अर्जित करते हुए अवैध शराब का परिवहन कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 250 पाव शराब के साथ परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा एसडीओपी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाना है।
इसी क्रम में थाना ढीमरखेड़ा प्रभारी महिमा रघुवंशी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति मोटरसाइकिल के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध शराब लेकर क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
कार्रवाई के लिए सहायक उप निरीक्षक विजेंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक कमोड एवं आरक्षक देवेंद्र को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस टीम ने रणनीतिक ढंग से घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। कुछ ही समय बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए की मोटरसाइकिल दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम ने सतर्कता के साथ रोक लिया।
मोटरसाइकिल रुकवाकर जब पुलिस ने दोनों युवकों से पूछताछ की तो वे घबराए हुए नजर आए। संदेह के आधार पर वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। पुलिस जांच में दोनों आरोपियों की पहचान ऋतुराज सिंह पिता पुष्पेंद्र सिंह, उम्र 23 वर्ष, निवासी सिमरिया जिला पन्ना तथा निखिल सिंह पिता राकेश सिंह, निवासी ग्राम धारी मजगामा जिला सतना के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 250 पाव लाल मसाला एवं प्लेन शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब परिवहन में उपयोग की जा रही मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब आरोपियों से शराब रखने एवं उसके परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, तो वे कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।
दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने और प्रारंभिक पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि शराब का परिवहन अवैध रूप से किया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ढीमरखेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार सामाजिक और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। प्रशासन द्वारा यह भी संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में ऐसे तत्वों के विरुद्ध और अधिक सघन अभियान चलाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी महिमा रघुवंशी, सहायक उप निरीक्षक विजेंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक कमोड एवं आरक्षक देवेंद्र की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस टीम की मुस्तैदी, सूझबूझ और तेज कार्रवाई के कारण बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।
ढीमरखेड़ा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अवैध शराब माफियाओं के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कटनी पुलिस अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पूरी दृढ़ता के साथ मैदान में डटी हुई है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि पुलिस की ऐसी निरंतर कार्रवाई से अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी और समाज में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

