सनातन धर्म पर बयान को लेकर उबाल,विधायक संजय पाठक ने उदयनिधि स्टालिन पर FIR की उठाई मांग।
कटनी में जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन,भड़काऊ टिप्पणी को बताया सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा।
कटनी,ग्रामीण खबर MP।
सनातन धर्म को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में कटनी जिले में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाया है। विधायक संजय पाठक के नेतृत्व में नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजू शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और आम नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
ज्ञापन में विस्तार से उल्लेख किया गया कि 12 मई को दिए गए बयान में उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही और इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया। इस टिप्पणी को लेकर विरोध जताते हुए कहा गया कि यह बयान न केवल करोड़ों लोगों की आस्था पर सीधा प्रहार है, बल्कि समाज में तनाव और असंतोष की स्थिति उत्पन्न करने वाला भी है।
प्रदर्शनकारियों ने अपने ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया कि यह पहला अवसर नहीं है जब इस प्रकार की टिप्पणी सामने आई हो। इससे पूर्व सितंबर 2023 में भी उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों से किए जाने पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कटनी के नागरिकों का कहना है कि बार-बार इस प्रकार के बयान देना एक सुनियोजित मानसिकता को दर्शाता है, जो सामाजिक समरसता को कमजोर करने का प्रयास है।
विधायक संजय पाठक ने कहा कि सनातन धर्म भारत की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का मूल आधार है। यह केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक व्यापक पद्धति है, जिसमें मानवता, सहिष्णुता और समरसता का संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को इस प्रकार के असंवेदनशील और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है और अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के बयान देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं तथा विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास की भावना को बढ़ावा देते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करने से बचे।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि उदयनिधि स्टालिन के बयान से करोड़ों हिंदू धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, जिससे व्यापक रोष और असंतोष का वातावरण बना है। नागरिकों ने इसे सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कृत्य बताते हुए कहा कि इस प्रकार की अभिव्यक्तियां देश की शांति और भाईचारे के लिए हानिकारक हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाने, घृणा उत्पन्न करने और शांति भंग करने जैसे अपराधों के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी आग्रह किया गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषी के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई हो सके।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजू शर्मा, पार्षद सुमित्रा रावत, शशिकांत तिवारी, प्रभा गुप्ता, अलका पांडे, शानू तिवारी, प्रेमलाल, हेमंत चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की मांग की।
कटनी में इस मुद्दे को लेकर जिस प्रकार से जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, वह यह दर्शाता है कि धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता से जुड़े विषयों पर समाज अत्यंत संवेदनशील है। आने वाले समय में प्रशासन की कार्रवाई इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
