पत्रकार सुरक्षा कानून पर सरकार गंभीर,मांगें चरणबद्ध पूरी होंगी,उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल।
मजदूर दिवस पर श्रमजीवी पत्रकारों की ऐतिहासिक रैली,21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा,भोपाल में जुटा प्रदेशभर का जनसमर्थन।
भोपाल,ग्रामीण खबर MP।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम और विशाल रैली ने प्रदेशभर के पत्रकारों की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। समन्वय भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम और उसके बाद न्यू मार्केट क्षेत्र में निकली रैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि पत्रकार अब अपनी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर निर्णायक संघर्ष के मूड में हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंच से पत्रकार सुरक्षा कानून सहित विभिन्न मांगों पर सरकार की गंभीरता व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर सकारात्मक पहल की जाएगी और उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह समाज के हर वर्ग की समस्याओं का समाधान करे और पत्रकार, जो लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्राथमिकता में शामिल है।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात प्रदेशभर से आए हजारों श्रमजीवी पत्रकारों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित भीड़ यह दर्शा रही थी कि संगठन के प्रति पत्रकारों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है और वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं।
संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने उपमुख्यमंत्री को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून अब समय की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हमले, उत्पीड़न और दबाव की घटनाएं पत्रकारों को असुरक्षित बना रही हैं, जिससे निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए और पत्रकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करे।
कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री मुकेश नायक की उपस्थिति ने इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बना दिया। श्री पटवारी ने मंच से पत्रकारों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल मांग नहीं बल्कि पत्रकारों का अधिकार है, जिसे सरकार को हर हाल में पूरा करना चाहिए। उन्होंने देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं होंगे तो लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि मांग पत्र उन्हीं को दिया जाता है जिनसे अपेक्षा होती है कि वे उसे पूरा करेंगे, और यह विश्वास सरकार पर जताया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी सरकार ने पत्रकारों की कई मांगों को पूरा किया है और आगे भी इस दिशा में कार्य जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री से चर्चा कर पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए समिति गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार अपने दायित्वों को भली-भांति समझती है और विपक्ष को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए सशक्त शासन, मजबूत विपक्ष और निष्पक्ष पत्रकारिता तीनों का समान रूप से मजबूत होना आवश्यक है।
शलभ भदौरिया के नेतृत्व की सराहना करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनका और संगठन का नाम एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाए रखना आसान नहीं है, और यह उनके नेतृत्व की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित हजारों पत्रकारों की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन के प्रति विश्वास का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान शासन संगठन समन्वय समिति के संयोजक रिजवान अहमद सिद्दीकी ने 21 सूत्रीय मांग पत्र का वाचन किया। हाल ही में लिफ्ट दुर्घटना में घायल होने के बावजूद उनकी उपस्थिति ने सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है और इसे हर हाल में आगे बढ़ाया जाएगा।
ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, बीमा सुविधा, पेंशन व्यवस्था, मान्यता प्रक्रिया में सुधार, फर्जी मुकदमों से संरक्षण, और पत्रकारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। इन मांगों को लेकर उपस्थित पत्रकारों में जबरदस्त उत्साह और समर्थन देखने को मिला।
कार्यक्रम में लिफ्ट हादसे में घायल पत्रकारों के उपचार में सहयोग करने वाले मध्या एडवरटाइजिंग के सुशील अग्रवाल का सम्मान किया गया। उन्होंने सभी घायलों के इलाज की जिम्मेदारी लेने का संकल्प व्यक्त किया, जिसकी सभी ने सराहना की। वहीं आयोजन समिति ने ईश्वर का आभार जताया कि एक बड़ा हादसा टल गया और सभी सुरक्षित रहे।
सभा के पश्चात न्यू मार्केट क्षेत्र में निकाली गई विशाल रैली ने पूरे भोपाल का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हाथों में बैनर, पोस्टर और नारों के साथ हजारों पत्रकार सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। रैली के दौरान “पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम में प्रदेश, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। विभिन्न वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और उग्र रूप दिया जाएगा।
विशेष रूप से छतरपुर जिला इकाई की सक्रिय भागीदारी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह सेंगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पत्रकार साथी राजधानी पहुंचे। एकजुटता के प्रतीक स्वरूप सभी साथी एक जैसी वेशभूषा और पहचान के साथ उपस्थित हुए, जिससे उनकी टीम अलग नजर आ रही थी। रैली में भी उन्होंने जोश के साथ भाग लेते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। महिला पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हुए यह संदेश दिया कि पत्रकारिता के इस संघर्ष में महिलाएं भी समान रूप से सहभागी हैं और अपने अधिकारों के लिए सजग हैं।
समापन के अवसर पर सभी पत्रकार साथियों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई को अंतिम मुकाम तक पहुंचाएंगे और किसी भी प्रकार के दबाव या भय के आगे नहीं झुकेंगे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पत्रकार अब केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
इस पूरे आयोजन ने न केवल पत्रकारों की समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि यदि संगठन मजबूत हो और नेतृत्व सक्रिय हो, तो किसी भी वर्ग की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। भोपाल की यह रैली और कार्यक्रम आने वाले समय में पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।
