कृषि बिजली की अघोषित कटौती के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल,सरौली विद्युत मंडल का घेराव।

 कृषि बिजली की अघोषित कटौती के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल,सरौली विद्युत मंडल का घेराव।

10 घंटे नियमित बिजली,ट्रांसफार्मर बदलने और त्वरित सुधार की मांग,समस्याएं न सुलझने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी।

मझगवां,ग्रामीण खबर MP।

जबलपुर जिले के सरौली मझगवां पावर हाउस अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि बिजली की अघोषित और अनियमित कटौती ने किसानों की समस्याओं को गंभीर रूप दे दिया है। लगातार बिजली बाधित रहने के कारण खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर क्षेत्र के किसानों में लंबे समय से आक्रोश पनप रहा था, जो अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है।

इसी क्रम में अखिल भारतीय ओबीसी महासभा, ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा एवं समाजवादी पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में सरौली क्षेत्र के किसानों ने संगठित होकर विद्युत मंडल सरौली का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। आंदोलन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष ओबीसी जितेन्द्र कुमार कुर्मी ने किया, जिनके नेतृत्व में किसानों ने शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी ढंग से अपनी आवाज बुलंद की।

प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती के कारण वे न तो समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं और न ही फसलों की उचित देखभाल कर पा रहे हैं। खासकर रबी और खरीफ सीजन में बिजली की अनियमितता से उत्पादन प्रभावित होता है, जिससे किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

ज्ञापन में किसानों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के लिए प्रतिदिन कम से कम 10 घंटे नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सिंचाई कार्य सुचारु रूप से हो सके। इसके अलावा, यदि किसी तकनीकी कारण से बिजली सप्लाई बंद होती है, तो उसकी भरपाई अतिरिक्त समय देकर की जाए। किसानों ने यह भी मांग की कि जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर ओवरलोड की स्थिति में हैं, वहां तत्काल अधिक क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएं, ताकि बार-बार बिजली बाधित न हो।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब या जले हुए पड़े हैं, जिन्हें समय पर बदला नहीं जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ट्रांसफार्मर खराब होने या जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही बिजली लाइनों की नियमित मेंटेनेंस और मरम्मत कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की गई।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और विभागीय लापरवाही के कारण किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और यदि उन्हें ही मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो कृषि व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से प्रशासन और बिजली विभाग को अपनी समस्याओं से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे विद्युत कार्यालय सरौली में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान यदि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए यह भी संकल्प लिया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष विनोद पटेल, किसान मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष संतकुमार पटैल, युवा मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, ब्लॉक सचिव उमेश पटेल, अकलेश पटेल, सुरेश पटेल, बारेलाल पटेल, मुकेश पटेल, अनिल पटेल, सुनील पटेल, दिनेश पटेल, अमित पटेल, सत्यम पटेल, अभिषेक पटेल, इंद्रजीत पटेल, आनंद सिद्धार्थ पटेल, रमेश, मोहन, सुखदेव, आदर्श पटेल सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों का समर्थन किया।

किसानों के इस व्यापक प्रदर्शन ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। यह मुद्दा न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बनकर उभरा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में ऐसे आंदोलन और भी बड़े स्तर पर हो सकते हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन और विद्युत विभाग पर टिकी हुई हैं कि वे इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता और प्रभावी तरीके से करते हैं।

ग्रामीण खबर MP-
जनमानस की निष्पक्ष आवाज
प्रधान संपादक:अज्जू सोनी। संपर्क:9977110734

Post a Comment

Previous Post Next Post