मां वीरासन देवी मंदिर की दान पेटी में निकले 2 लाख 64 हजार 915 रुपए।
चैत्र नवरात्र के बाद प्रशासनिक निगरानी में खुली दान पेटी,श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का दिखा बड़ा स्वरुप
सिलौंडी,ग्रामीण खबर MP।
क्षेत्र के प्रसिद्ध मां वीरासन देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र पर्व के समापन के उपरांत परंपरागत रूप से दान पेटी खोली गई। प्रशासनिक निगरानी में संपन्न इस प्रक्रिया के दौरान दान पेटी से कुल 2 लाख 64 हजार 915 रुपए की राशि प्राप्त हुई। यह राशि न केवल श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास को दर्शाती है, बल्कि मंदिर के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और जुड़ाव का भी प्रमाण है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैत्र नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों सहित आसपास के कस्बों से भी भक्तों ने माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपनी श्रद्धा अनुसार दान अर्पित किया। नवरात्र के नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और उत्साह का वातावरण बना रहा, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव दान पेटी में प्राप्त राशि के रूप में देखने को मिला।
दान पेटी खोलने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और विधिवत तरीके से संपन्न कराई गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सीलबंद दान पेटी को खोला गया और एक-एक कर राशि की गिनती की गई। गिनती के दौरान सावधानीपूर्वक लेखा-जोखा तैयार किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार खगेश भलावी, चौकी प्रभारी अनिल पांडे, राजस्व निरीक्षक नीरज झारिया सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। इनके अलावा पटवारी अशोक सिंह बागरी, विश्वनाथ सिंह, सुधीर कुलस्ते, संगीता परस्ते, महेन्द्र त्रिपाठी, अनीस इक्का, उमेश निखारे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे और पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। सरपंच द्रोपदी बहादुर सिंह, सचिव रामचंद्र यादव के साथ-साथ मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। मुख्य पुजारी सौरभ दुबे ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूरी प्रक्रिया का संचालन किया। इसके अतिरिक्त कोटवार राजेश, प्रकाश, रामचरण, बल्लू, लालजी, श्याम सिंह बागरी, सचिन प्रजापति, श्रीलाल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी मौके पर मौजूद रहे।
दान राशि की गिनती के दौरान मंदिर परिसर में उत्सुकता का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा और प्रशासन द्वारा अपनाई गई पारदर्शिता की सराहना की। उपस्थित जनों ने इसे एक व्यवस्थित और अनुशासित प्रक्रिया बताते हुए संतोष व्यक्त किया।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राप्त दान राशि का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों, रखरखाव, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों के संचालन में किया जाएगा। साथ ही भविष्य में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा, जिससे मंदिर आने वाले भक्तों को बेहतर व्यवस्था मिल सके।
ज्ञात हो कि मां वीरासन देवी मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन बना रहता है। विशेषकर नवरात्र पर्व के दौरान यहां भव्य आयोजन होते हैं और हजारों की संख्या में भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहता है और स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
इस वर्ष भी नवरात्र पर्व शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन और मंदिर समिति के समन्वय से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुचारू रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
दान पेटी से प्राप्त राशि एक बार फिर यह साबित करती है कि क्षेत्रवासियों की मां वीरासन देवी के प्रति अटूट श्रद्धा है और वे मंदिर के विकास में अपनी सहभागिता निभाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। आने वाले समय में इस राशि से मंदिर की व्यवस्थाओं में और सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे यह आस्था का केंद्र और अधिक विकसित हो सकेगा।
